ज्यादा पैसे, कम उम्मीदवार
हाकम की कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हो रही है, जिसमें वह साफ कह रहा है कि इस बार पिछली गलती नहीं करनी। पिछली बार 12-12 लाख में ज्यादा अभ्यार्थियों का जिम्मा लिया था, जिस वजह से मामला बिगड़ गया। इस बार ज्यादा पैसे और कम काम होगा, यानी 15 लाख लेकर कुछ अभ्यार्थियों का ही काम किया जाएगा, ताकि किसी को शक न हो। पंकज ने इकबालिया बयान दिया है कि उसने अन्य अभ्यार्थियों को परीक्षा पास कराने के लिए अपनी तरफ से तीन लाख रुपये बढ़ाकर बताए थे, ताकी उसका काम फ्री में हो जाए। उसे हाकम के जरिये रुपये कमाने का लालच भी आ गया था। इस बयान से विरोधाभास सामने आ रहा है कि पंकज एक तरफ तो हाकम की पहुंच पर भरोसा करके खुद भी 12 लाख देने वाला था, दूसरी ओर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कह रहे हैं कि दोनों गिरफ्तार आरोपी अभ्यार्थियों को कोरा झांसा दे रहे थे, उनके परीक्षा पास कराने वाले कोई लिंक नहीं मिले।
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ओएमआर शीट खाली छोड़ने को कहा था, पैन ड्राइव से खुलासा
जांच के क्रम में एक पैन ड्राइव की रिकॉर्डिंग पुलिस को मिली, जिसमें हाकम 21 सितंबर को होने वाली परीक्षा पास कराने व नौकरी लगाने का दावा कर रहा है, यह रिकॉर्डिंग भी जाहिर करती है कि साजिश कहीं गहरी थी, जिसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका है। इसमें हाकम 15 लाख रुपये की राशि के एवज में अभ्यर्थी को परीक्षा में ओएमआर शीट खाली छोड़ने को कह रहा है, जिसे बाद में भरा जाएगा, इससे जाहिर होता है कि वह अभ्यार्थियों को कोरा झांसा नहीं दे रहा था। उसके पास ट्रिक और लिंक दोनों थे।