वन दरोगा की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में जिन आठ अभ्यर्थियों को संदिग्ध मानकर जांच की गई थी, उनमें से छह ने एक ही केंद्र पर परीक्षा दी थी। इनमें से चार को अलग-अलग तिथियों में एक ही आईपी दी गई जबकि दो को एक जैसी। पता चला कि ऑनलाइन उत्तर क्लिक करते समय सभी ने एक जैसा एग्जामिनेशन लॉग (एक समय में समान प्रश्न का उत्तर) किया था। बताया जा रहा है परीक्षा में ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी नकल कराई गई।
सितंबर 2021 में वन दरोगा की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। आठ अभ्यर्थियों के नंबर काफी ज्यादा आए थे। अन्य की तुलना में आठ परीक्षार्थियों के नंबरों में काफी अधिक अंतर के बाद आयोग को शक हुआ। चार अगस्त को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस को पत्र लिखकर परीक्षा में धांधली की आशंका जताई थी। परीक्षा एनएसईआईटी एजेंसी के माध्यम से कराई गई थी।
परीक्षा 16 से 25 सितंबर तक 18 शिफ्टों में आयोजित हुई। एसटीएफ ने प्राथमिक जांच में पाया कि आठ अभ्यर्थियों में से छह ने स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में परीक्षा दी थी। इनमें से चार को विभिन्न तिथियों में एक ही आईपी दी गई जबकि दो को एक जैसी अलग आईपी। एक अभ्यर्थी ने अल्मोड़ा स्थित नंदा देवी इन्फोटेक सॉल्यूशन और एक ने नैनीताल स्थित राधाकृष्ण एसेसमेंट सेंटर पर परीक्षा दी थी। जांच में सामने आया कि आठ में से छह अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र समान था। उनका एग्जामिनेशन लॉग एक जैसा पाया गया यानी एक समय में एक ही प्रश्न का उत्तर दिया था।