इस बात पर भी विभागों में दो राय
ड्राफ्ट में ये प्रावधान किए गए हैं कि अगर किसी व्यक्ति या संस्था की वजह से पेपर लीक होता है तो उस पर दस करोड़ जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी प्रकार, अगर कोई छात्र पेपर लीक में शामिल पाया जाता है तो उस पर पांच से दस लाख का जुर्माना और इतने ही साल की सजा के प्रावधान पर भी आपत्ति है।
कई राज्यों के कानूनों का अध्ययन
सूत्रों के मुताबिक, उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू करने के लिए कार्मिक विभाग कई राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर रहा है। विधि विभाग से भी ड्राफ्ट पर परामर्श लिया जा रहा है।
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पूर्व के मसौदे में होगा संशोधन
नकलरोधी कानून का जो मसौदा पूर्व में तैयार किया गया था, उसमें न तो उम्रकैद का प्रावधान था और न ही संपत्ति कुर्क करने का। चूंकि कैबिनेट बैठक में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लाने का निर्णय लिया गया है, इस हिसाब से अब पुराने मसौदे में संशोधन किया जा रहा है। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि आगामी एक-दो दिन में इसमें बदलाव करके संबंधित विधि व अन्य विभागों को भेज दिया जाएगा। वहीं, विधायी के एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट बैठक वाले दिन ही शाम को उन्होंने पुराने मसौदे को कार्मिक को भेज दिया था।