हेली सेवा शुरू करने के लिए डीजीसीए (डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) टीम ने हल्द्वानी के गौलापार में हेलीकॉप्टर की उड़ान भराकर ट्रायल किया। ट्रायल के दौरान कमियां मिलने पर डीजीसीए ने उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
देहरादून से डीजीसीए की आठ सदस्यीय टीम बुधवार दोपहर गौलापार स्थित हेलीपैड पहुंची। भ्रमण करने के बाद टीम ने ट्रायल के लिए हेलिकॉप्टर को उड़ाया। हेलिकॉप्टर दो बार उड़ान भरने के बाद नीचे उतारा गया। इस दौरान हेलीपैड की दीवार ऊंची पाई गई। टीम में शामिल विशेषज्ञों ने मौके पर अग्निशमन जवानों से पूछा कि वे हेलीकॉप्टर की आग बुझाने के लिए तैयार हैं या नहीं। जवानों ने जवाब दिया कि उन्हें इसका अनुभव नहीं हैं। ट्रायल लेने के बाद टीम नायब तहसीलदार को दीवार और अग्निशमन की कमियों के बारे में बताकर चली गई।
इस बारे में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि जिला प्रशासन की तैयारी पूरी है। डीजीसीए से स्वीकृति मिलने के बाद हेली सेवा शुरू की जाएगी। इधर एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि डीजीसीए की ओर से बताई गई कमियों को शीघ्र ही दुरुस्त कर लिया जाएगा। ट्रायल से प्रतीत हो रहा है कि अभी हेली सेवा शुरू करने में समय लगेगा। उड़ान के समय नायब तहसीलदार, काठगोदाम थाने की पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। बता दें कि प्रदेश सरकार उड़ान योजना के तहत देहरादून-हल्द्वानी-पंतनगर और पिथौरागढ़ के लिए शीघ्र ही हेली सेवा शुरू करने जा रही है। इसी कारण हल्द्वानी हेलीपोर्ट को अत्याधुनिक बनाने के लिए सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है।
हेलीपोर्ट के सौंदयीकरण के लिए टेंडर जारी
गौलापार स्टेडियम के पास प्रदेश सरकार ने अत्याधुनिक हेलीपोर्ट बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। दो करोड़ 36 लाख की लागत से हेलीपोर्ट के लिए बिल्डिंग के साथ दो वॉच टावर बनाए जाएंगे। रनवे को भी चौड़ा किया जाएगा। इस मामले में टेंडर भी जारी किए गए हैं। गौलापार में हेलीपोर्ट बनवाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है।