फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसंत की खुशियों से पहले ही मां से छिन गया जिगर का टुकड़ा, वजह जानकर चौंक जाएंगे

Mon, 22 Jan 2018 01:48 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, साहिया
विज्ञापन
विज्ञापन

माघ की खुशियों से पहले ही एक मां से उसका दो साल का जिगर का टुकड़ा छिन गया। वजह भी ऐसी जो मां को जिंदगीभर परेशान करती रहेगी। 

विज्ञापन


कालसी तहसील के चंदोऊ गांव में एक हादसे में मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मौत से गांव में गम का माहौल है। माघ पर्व की खुशियां मातम में बदल गई हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार चंदोऊ गांव निवासी दलिप सिंह रविवार को अपने दो वर्षीय पोते लक्ष्य को सुबह करीब 11 बजे छुआरा खिला रहे थे। अचानक बच्चे के गले में छुआरा फंस गया। जिससे बच्चे की सांस फूलने लगी।
विज्ञापन


यह देख दादा के हाथ-पांव फूल गए। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उन्होंने इसकी जानकारी बच्चे के पिता विवेक और ताऊ कुंदन सिंह को दी। आनन-फानन में परिजन बच्चे को लेकर साहिया स्थित प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे।
 

विज्ञापन

ऐसा होता तो बच जाती जान

जहां बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। जिस पर परिजन उसे लेकर हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल पहुंचे जहां उपचार के दौरा बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बच्चे के दादा और पिता सदमे में है। बच्चा अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है। 

पजिटिलानी में खुलता अस्पताल तो बच जाती जान जिस गांव में यह घटना हुई उससे करीब पांच किमी दूर पजिटिलानी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत है। जिसका वर्ष 2005 में भवन भी बनकर तैयार हो चुका है।

लेकिन अस्पताल में अब तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। जिसके चलते भवन शोपीस बना हुआ है। अस्पताल चंदऊ, खोई, सुपऊ, खमरोली, सलगा, टिमरा, आरा समेत 50 से अधिक गांव का केंद्र बिंदु है। परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल में डॉक्टर होते तो शायद उनके बच्चे की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें