शिक्षा विभाग की लापरवाही से जनपद के दो हजार से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन लटक गया है। करीब 2.90 करोड़ रुपये का बकाया टीडीएस जमा न होने के कारण आयकर विभाग ने वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। हजारों शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन का संकट खड़ा होने के बाद विभाग अब तकनीकी खामी दूर करने में जुटा है।
बाकी सरकारी कर्मचारियों की तरह शिक्षकों और विभाग व स्कूल के कर्मचारियों का इनकम टैक्स हर महीने तनख्वाह से काट लिया जाता है। वर्ष 2004-05 से करीब 70 शिक्षकों का टीडीएस उनके वेतन से कटता रहा, लेकिन पैन नंबर गलत होने के कारण इनकम टैक्स विभाग को नहीं मिला।
विभाग ने जल्द यह गलती सुधारने की जहमत नहीं उठाई। साल दर साल टीडीएस की रकम बढ़ते बढ़ते अब 2.90 करोड़ रुपये जा पहुंची। टीडीएस की इतनी भारी भरकम रकम बकाया होने पर इनकम टैक्स विभाग ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया और ट्रेजरी से वेतन आहरण पर रोक लगा दी।
पूरे जनपद के लगभग दो हजार से ज्यादा शिक्षक, शिक्षणेत्तर और विभागीय कर्मचारी इसकी जद में आ गए। फिलहाल अशासकीय शिक्षकों को दो महीने और राजकीय शिक्षकों व विभागीय कर्मचारियों का एक-एक महीने का वेतन लटक गया।