उत्तराखंड के श्रीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो छात्र शुक्रवार सुबह अलकनंदा में नहाते समय दलदल में फंसकर डूब गए। देर रात रात तक दोनों का पता नहीं चल पाया। आपदा पुलिस की राफ्ट देवप्रयाग में होने के कारण करीब दो घंटे बाद रेसक्यू अभियान शुरू हो पाया। डूबने वाले दोनों छात्र एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मेडिकल कॉलेज के आठ छात्र डेम कॉलोनी के समीप नदी किनारे कबड्डी खेलने के लिए गए। करीब एक घंटा खेलने के बाद तीन छात्र वापस कॉलेज लौट गए। जबकि पांच छात्र नदी किनारे ही रुक गए।
इन पांच छात्रों में से गुलशेद आलम, अंकित पंवार (24) पुत्र भूपेंद्र सिंह निवासी गुजरातियान जसपुर व मनप्रीत (24) पुत्र हरपिंदर सिंह निवासी मसवासी रामपुर नदी में नहाने चले गए।
दोस्त को बचाने में दलदल में फंसा मनप्रीत
गुलशेद आलम ने बताया कि नहाते समय अंकित पंवार जब डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए मनप्रीत और वह भी बीच नदी तक पहुंच गए। लेकिन दलदल में फंसने का कारण मनप्रीत भी डूबने लगा। दोनों को डूबता देख गुलशेद आलम ने साथियों के डूबने की सूचना डेम कॉलोनी पहुंचकर कर्मचारियों को दी।
यहां से कोई मदद न मिलने पर इन्होंने कॉलेज प्रशासन को घटना से अवगत कराया। तत्काल प्राचार्य डॉ. आईएस योग सहित कॉलेज के कर्मचारी व शिक्षक घटना स्थल पर पहुंचे। घटना की सूचना पर कोतवाल उत्तम सिंह भी मय फोर्स घटनास्थल पर पहुंचे।
कॉलेज की प्राचार्य योग ने कहा कि गांधी जयंती होने के कारण कॉलेज में कार्यक्रम हो रहे थे। ये छात्र शायद कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय यहां चले आए। हमें जैसे ही घटना की सूचना मिली हम सीधे घटनास्थल पहुंच गए।
मनप्रीत को पहले भी बहने से बचाया था
एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र मनप्रीत को पहले भी एक बार बिलकेदार के समीप अलकनंदा में डूबने से उसके साथियों ने बचाया था। मनप्रीत के एक साथी ने बताया कि अलकनंदा में नहाते समय पहले भी एक बार बहा था लेकिन उस वक्त साथ में मौजूद साथियों ने उसे बचा लिया था।
अंकित के नहीं हैं पापा
अलकनंदा में डूबने वाले छात्र अंकित पंवार के दोस्तों ने बताया कि अंकित के पापा भी नहीं हैं। परिवार की सारी जिम्मेदारी अंकित की मां पर ही है।
सदमें में छात्र
अपने दो साथियों के अलकनंदा में डूब जाने से अन्य छात्र सदमे में हैं। छात्र मोहम्मद राशिद ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को उन्होंने साथ बैठकर खाना खाया था। राशिद ने बताया कि अंकित व मनप्रीत काफी हंसमुख थे।
दो घंटे बाद राफ्ट पहुंचने से रेस्क्यू में देरी
आपदा पुलिस की राफ्ट घटनास्थल पर दो घंटे बाद पहुंची। पुलिस को घटना की जानकारी 9 बजे ही मिल गई थी लेकिन राफ्ट घटनास्थल पर करीब 11 बजे पहुंची। पुलिस का कहना है कि आपदा पुलिस की राफ्ट देवप्रयाग में नहाते समय गंगा में डूबे पुलिस जवान की तलाश में जुटी थी। राफ्ट को देवप्रयाग से वापस मंगाया गया। इसमें करीब एक घंटे का समय लगा। इस दौरान एसएसबी की राफ्ट भी घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
रेस्क्यू में देरी पर जताई नाराजगी
छात्रों की तलाश के लिए रेसक्यू में देरी पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों व प्राचार्य ने कड़ी नाराजगी जताई। छात्रों का कहना था कि प्रशासन के साथ ही परियोजना कंपनी को रेसक्यू के लिए नदी किनारे टीम हर समय तैनात रखनी चाहिए जिससे की घटना होने पर तुरंत रेसक्यू प्रारंभ हो सके।