फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो युवतियों को फेसबुक पर एक-दूसरे से हुआ प्यार, शादी करने के लिए उठाया ये कदम

Tue, 23 Jul 2019 12:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
विज्ञापन

दो युवतियों को एक-दूसरे से प्यार हुआ तो उन्होंने शादी करने की ठान ली, लेकिन उनकी इस चाह में बड़ी बाधा आ गई है। हुआ यूं कि संयुक्त मजिस्ट्रेट की अदालत में दो युवतियों ने आपस में विवाह के लिए आवेदन किया, लेकिन संयुक्त मजिस्ट्रेट ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया।

विज्ञापन


ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) के एक गांव की युवती फेसबुक के माध्यम से पैगा चौकी क्षेत्र निवासी एक गांव की युवती के संपर्क में आई। पिछले दो वर्ष से दोनों में समलैंगिक संबंध हैं।

उच्चतम न्यायालय के आदेश के चलते दोनों युवतियों ने विवाह का फैसला किया

इन दिनों काशीपुर क्षेत्र निवासी युवती के परिजन उसके विवाह की बात चला रहे हैं। उसका रिश्ता लगभग तय हो चुका है। उसने यह बात अपनी समलैंगिक सहेली को बताई।

पिछले दिनों समलैंगिकों के संबंधों को वैध करार देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के चलते दोनों युवतियों ने विवाह का फैसला कर लिया। उन्होंने महिला अधिवक्ता हेमा जोशी से संपर्क किया। हेमा ने युवतियों को आवेदन के लिए काशीपुर बुला लिया। दोनों काशीपुर में एक परिचित के घर रुकीं। 

दोनों युवतियां बालिग

अधिवक्ता ने विवाह पंजीकरण कराने से संबंधित कार्यवाही के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना से संपर्क किया तो संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम में समलैंगिकों के विवाह के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसे लेकर अभी कानून पारित नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि दोनों युवतियां बालिग हैं। वे मर्जी से साथ रहने को स्वतंत्र हैं। यदि वे सुरक्षा की मांग करतीं हैं तो उन्हें नियमानुसार सुरक्षा प्रदान की जा सकती है। इसके बाद दोनों युवतियों को वकील ने लौटा दिया।
विज्ञापन

एक महिला अधिवक्ता दो युवतियों का आपस में विवाह पंजीकृत कराने के बारे में जानकारी लेने आईं थी। उन्हें विशेष विवाह अधिनियम में ऐसा कानून न होने के बारे में बता दिया गया है। वयस्क होने के चलते युवतियां चाहें तो साथ रह सकतीं हैं।
- हिमांशु खुराना, संयुक्त मजिस्ट्रेट, काशीपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें