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'तुषार भी रख लेता छुट्टी तो बच जाती जान'

Sun, 07 Dec 2014 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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‘काश, तुषार भी अपने तीन भाइयों के साथ ही स्कूल से छुट्टी कर लेता तो उसकी जान बच जाती।’ तुषार की मां, ताई और अन्य परिजन रो-रोकर यही बात दोहरा रहे हैं।
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कृष्णा नगर की गली नंबर तीन निवासी सतीश कुमार धीमान और उनके बड़े भाई आदेश धीमान साथ रहते हैं। सतीश के दो बेटे विशाल धीमान (14 वर्ष) एवं तुषार धीमान (12 वर्ष) हैं। आदेश के तीन बेटे सौरभ, शेखर और गौरव हैं। सौरभ धनौरी स्थित एक कालेज से बीएससी कर रहा है।

तुषार, विशाल, शेखर और गौरव चारों राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। चारों भाई रोजाना साथ ही स्कूल जाते हैं। तुषार की ताई रेखा धीमान के मुताबिक शनिवार को विशाल, शेखर और गौरव ने बताया स्कूल के पास कार्यक्रम है। इस कारण ज्यादा पढ़ाई नहीं होगी। इसलिए तीनों ने स्कूल की छुट्टी रख ली, लेकिन तुषार ने कहा वह छुट्टी नहीं करेगा।
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हालांकि उससे भी कहा गया था कि छुट्टी रख ले। तुषार की मां किरण देवी, ताई रेखा और परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बस यही बात कह रहे हैं कि काश, तुषार भी आज स्कूल की छुट्टी रख लेता तो उसकी जान बच जाती।
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मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पेश की मिसाल

ज्वालापुर के मुस्लिमों ने शनिवार को सौहार्द की मिसाल पेश की। ज्वालापुर में ‘काला दिवस’ मनाया जाना था। लोग जमा हो गए थे। जैसे ही रुड़की में धमाके में बच्चे की मौत की सूचना आई कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। उसके बाद बच्चे की आत्म की शांति और देश में अमन-चैन के लिए दुआ की।

आयोजन के संचालक सुहैल कुरैशी ने लोगों को रुड़की में बच्चे की मौत की जानकारी दी। जिसके बाद सर्वसम्मति से कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया गया। सुहैल कुरैशी ने कहा कि रुड़की में बच्चे की मौत मानवता के मुंह पर तमाचा है। किसी हिंदु-मुस्लिम का नहीं बल्कि इंसानियत का खून हुआ है।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ऐसी घटनाओं का विरोध करता है। समीर अंसारी और अथर अंसारी ने कहा कि बच्चे की जान लेने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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