लोक निर्माण विभाग ने पर्यटन और यात्रा सीजन में मसूरी को जाम से निजात दिलाने की कवायद शुरू कर दी है।
मसूरी की पहाड़ियों की फिजिबिलिटी रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने बाईपास सुरंग बनाने के चार प्रस्ताव तैयार शासन को भेज दिए हैं। इस प्रोजेक्ट में 175 से 300 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
भारी संख्या में आते हैं पर्यटक
मसूरी में साल भर पर्यटकों की आमद बनी रहती है। मार्च से जून-जुलाई तक सीजन पीक पर रहता हैं। वहीं सर्दियों में बर्फबारी होने पर भी यहां पर्यटक तेजी से आते हैं।
वहीं चार धाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री जाने वाले यात्री भी कैंपटी फॉल, मसूरी होते हुए निकलते हैं। सड़कें तंग होने के कारण मसूरी में अकसर जाम लगता है, जिससे सैलानियों और स्थानीय लोग परेशान रहते हैं।
जाम से निजात के लिए बनेगी सुरंग
मसूरी को इससे निजात के लिए वर्ष 2012-13 में लोनिवि ने कार्ट मैकेंजी रोड से कैंपटी फॉल तक सुरंग बनाने की योजना बनाई।
इस योजना के तहत लोनिवि ने लोंबार्डी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से मसूरी की पहाड़ियों की जांच करवाई। कंपनी ने करीब छह माह के सर्वे के बाद जमीन को टनल बनाने के लिए मुफीद पाया।
रिपोर्ट मिलने के बाद लोनिवि ने चार स्थानों पर सुरंग प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनमें से तीन में पूरा रास्ता सुरंग का है, जबकि चौथे में सुरंग और सड़क बनेगी।
फिजिबिलिटी रिपोर्ट आने के बार चार तरह के प्रस्ताव बनाए गए हैं। एक प्रस्ताव में सुरंग और सड़का का कांसेप्ट है। इसमें खर्च भी कम होगा। शासन से जिस प्रस्ताव पर अनुमति मिलेगी, उस पर आगे काम किया जाएगा।
-सीएम पांडे, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड