रसोई गैस सिलिंडर का पाइप खराब होने से त्यूनी में अग्निकांड हुआ। पाइप मानकों के अनुरूप नहीं था, जिससे चूल्हा जलाते समय लीकेज से आग लग गई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जांच में यह खुलासा हुआ है। भीषण अग्निकांड के बाद प्राधिकरण के सीईओ एडीएम प्रशासन ने अग्निशमन विभाग को सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्रों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूरे जिले में निरीक्षण के बाद जल्द रिपोर्ट मांगी है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिरण के सीईओ एडीएम वित्त रामजीशरण शर्मा ने बताया कि इस महीने जिले में कुल 11 अग्निकांड हुए हैं। इनमें बहुत सा सामान जला है। ज्यादातर में मानवीय चूक सामने आई है। वहीं, बृहस्पतिवार को त्यूनी में हुए अग्निकांड की वजह भी यही है। वहां एलपीजी सिलिंडर में लगा पाइप मानकों के अनुरूप नहीं था। इसी तरह विभिन्न अग्निकांड की जब जांच हुई तो पता चला कि कहीं अग्निशमन यंत्र थे लेकिन कोई चलाना नहीं जानता था।
लोगों को जागरूकता ही नहीं है कि किस तरह से इनका प्रयोग किया जाए। इसके अलावा भी कई ऐसी लापरवाही सामने आई हैं। सीईओ ने कहा कि अग्निकांड को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र लगे होते हैं। इनका वार्षिक निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में अब फिर से अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया है। जिन जगहों पर अग्निशमन यंत्र खराब या एक्सपायर पाए गए वहां कार्रवाई की जाएगी।
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तीन स्तर पर चल रही है जांच
त्यूणी अग्निकांड का प्राथमिक कारण आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बता दिया है। लेकिन, अभी अग्निकांड की जांच तीन स्तर पर चल रही है। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। इसके अलावा अग्निशमन विभाग नुकसान और कारणों का आकलन कर रहा है। जबकि, लापरवाही और अन्य कारणों की जांच डीआईजी फायर सर्विस निवेदिता कुकरेती कर रही हैं। इस मामले में कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। डीजीपी ने तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है।