तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शुक्रवार को जागर और मांगल गीतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार व विधि विधान से दोपहर 12.30 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुल गए। अब तृतीय केदार आगामी छह माह तक धाम में ही दर्शन देंगे। कपाट खुलने के मौके पर आठ सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ का जलाभिषेक करते हुए उनकी पूजा अर्चना की। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी मंदिर में दर्शन किए।
सवा बारह बजे धाम में मक्कू गांव के लंबोधर प्रसाद मैठाणी व प्रकाश मैठाणी की अगुवाई में हक-हकूकधारी ब्राह्मणों ने मठापति राम प्रसाद मैठाणी के हाथों तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोलने और छह माह की पूजा-अर्चना का संकल्प कराया। साथ ही पंचांग पूजन व बाबा की महाभिषेक पूजा संपन्न कराई। इसके बाद गर्भगृह में वेद मंत्रोच्चारण के साथ बाबा तुंगनाथ को समाधि से जगाया गया।
सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए दोपहर बाद साढ़े बारह बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले गए। इस मौके पर पूरा क्षेत्र बाबा तुंगनाथ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने आराध्य के स्वयंभू लिंग के दर्शन कर जलाभिषेक किया। पुजारियों द्वारा श्रद्धालुओं को समाधि की भस्म व पुष्प प्रसाद रूप में वितरित किए गए। इससे पूर्व प्रात: 9 बजे भगवान तुंगनाथ की डोली ने भक्तों के मांगलिक गीतों व जागरों के साथ आखिरी पड़ाव चोपता से धाम के लिए प्रस्थान किया।
तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार करने के बाद डोली पूर्वाह्न 11.45 बजे देवदर्शनी पहुंची। यहां डोली ने अल्प विश्राम किया। मंदिर परिसर से थोक भंडारियों की शंख ध्वनि से बुलावे पर भगवान की डोली अपने धाम में विराजमान हुई।
भक्तों ने पुष्प वर्षा से आराध्य का स्वागत किया गया। इस मौके पर जागर गायिका राममेश्वरी देवी, नर्मदा देवी, रवींद्र मैठाणी, विक्रम रावत, बलवीर नेगी, शिव सिंह नेगी, प्रकाश पंवार, अनुज रावत, प्रदीप बजवाल सहित तुंगनाथ घाटी के मक्कू, परकंडी, ऊखीमठ, हुड्डू, सारी, दिलमी, करोखी, पेंज, दैड़ा, रौडू आदि गांवों के लोग मौजूद थे।
बाबा ने अपने भंडारे का निरीक्षण किया
तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने अपने धाम तुंगनाथ में पहुंचते ही सबसे पहले अधीनस्थ मंदिरों की परिक्रमा की। इसके बाद आराध्य से अपने भंडारे का निरीक्षण करते हुए वहां रखे छोटे कलश से लेकर बड़े-बड़े बर्तनों और अन्य पूजन सामग्री का निरीक्षण किया।
सात कुंतल फूलों से सजाया गया मंदिर
कपाटोद्घाटन के लिए तृतीय केदार तुंगनाथ के मंदिर को सात कुुंतल गेंदा और अन्य फूलों से सजाया गया था। धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि मंदिर को सजाने में जयदीप असवाल, सुरेंद्र असवाल, अनूप रावत, धीरेंद्र नेगी व उनकी टीम द्वारा तीन दिन से यहां कार्य किया जा रहा था।