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साल में 180 दिन की पढ़ाई होगी अनिवार्य, 45 दिन में घोषित होगा रिजल्ट : त्रिवेंद्र

Sat, 07 Oct 2017 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए सरकार बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, चकबंदी और रोजगार की योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गांव में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने के लिए साल में 180 दिन की शिक्षा और परीक्षा के 45 दिन के अंदर रिजल्ट को अनिवार्य किया जाएगा।
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सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सभी जिला अस्पतालों में दो आईसीयू बनाए जाएंगे। हंस फाउंडेशन के माध्यम से मिले पांच करोड़ रुपये के कॉरपस फंड के ब्याज से इनका मेंटीनेंस किया जाएगा।

वहीं, नगर निगम को लेकर सीएम ने कहा कि नगर निगम हर हाल में बनेंगे। इसका शासनादेश वापस नहीं होगा। मुख्यमंत्री शनिवार को यहां बदरीनाथ मार्ग स्थित मॉडल मांटेसरी स्कूल में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। हम न तो भ्रष्टाचार करेंगे, ना ही होने देंगे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार के कारण जन-जन तक पहुंचने वाला विकास कुछ लोगों की जेब में चला गया। इसी वजह से प्रदेश में विकास अवरुद्ध हुआ है। उन्होंने कहा इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिए ग्रामीण विकास एवं पलायन नियंत्रण आयोग का गठन किया गया है जिसका मुख्यालय एक महीने के अंदर पौड़ी में खोला जाएगा। संबंधित अधिकारी पौड़ी में ही रहकर ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर माइक्रो प्लानिंग कर योजना बनाएंगे।

कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सबसे पहले सरकारी सेवाओं का अधिकार गरीबों को है। बड़े शहरों में तो पैसे वाले लोग प्राइवेट में भी इलाज करा सकते हैं। इसी के तहत डॉक्टरों के पर्वतीय क्षेत्रों में तबादले किए गए हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सात वर्षों में दो लाख बेरोजगारों को रोजगार देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए 50 रेडीमेट गारमेंट के सेंटर खोले जाएंगे।

जंगलों में आग लगने का कारण बने पिरूल को ग्रामीणों से 4-5 रुपये प्रति किलो खरीदकर उसका तारपीन तेल और इंडस्ट्री डीजल तैयार किया जाएगा। सीमांत क्षेत्रों में उम्दा किस्म के अखरोट की बागवानी के लिए ग्रामीणों को अखरोट की पौध उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सिमलचौड़-लालढांग मार्ग के निर्माण, सरकारी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज तक सड़क और उस पर बनने वाले पुल आदि अन्य सड़कों के निर्माण कराने की घोषणा की।
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