हरिद्वार निगम क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से लेकर कोतवाली तक सड़क किनारे अतिक्रमण के मामले में उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार फैसला करने का आदेश दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 1990 में इस अतिक्रमण को हटाने को कहा था। हरिद्वार नगर निगम ने विस्थापन की व्यवस्था न होने तक अतिक्रमणकारियों को फिर से सड़क किनारे बसाने का प्रस्ताव पारित किया था।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार नगर निगम के पार्षद उपेंद्र कुमार ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।