ईगलवुड, अगुरू आदि नामों से जाना जाता अगरवुड
वनस्पति विज्ञानियों की मानें, तो अगरवुड को कई नामों से जाना जाता है। जहां संस्कृत में इसे अगुरू कहा जाता है, वही असमिया भाषा में सांतिगछ, गज बंगाली गुजराती और तेलुगु में इसे अगर, अंग्रेजी में ईगलवुड के नाम से जाना जाता है, जबकि हिंदी में इसे सिर्फ अगर के नाम से जाना जाता है।
18 से 30 मीटर ऊंचाई वाला होता अगरवुड
अनुसंधान शाखा के वनस्पति विज्ञानियों के मुताबिक, अगरवुड की लंबाई औसतन 18 से 30 मीटर के बीच होती है, जबकि इसका तना डेढ़ मीटर से लेकर ढाई मीटर व्यास वाला होता है। अगरवुड एक सदाबहार वृक्ष है, जो पूरे साल हरा भरा रहता है। जिस इलाके में अगरवुड के जंगल पाए जाते हैं, वहां हरियाली होने के साथ ही वातावरण में बहुत अधिक खुशबू रहती है।
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राज्य में अगरवुड का उत्पादन किया जा सके और लोगों की आर्थिकी सुधारी जा सके, इसके लिए प्रयोग के तौर पर अनुसंधान शाखा के वनस्पति विज्ञानियों की ओर से अगरवुड की नर्सरी तैयार की गई है। फिलहाल प्रयोग सफल रहा है। आने वाले में आने वाले समय में अगरवुड के व्यावसायिक उत्पादन को लेकर नीतियां बनाई जाएंगी। अगरवुड का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सके, इसे लेकर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भी भेजा जाएगा।
- संजीव चतुर्वेदी, मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक, वन अनुसंधान शाखा