फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवार पर कहर बन टूटा पेड़, एक की मौत, दो घायल

Sun, 28 Dec 2014 09:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्यामपुर (ऋषिकेश)
विज्ञापन
विज्ञापन
ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र स्थित भट्टोवाला गांव में आंगन में धूप सेक रहे परिवार पर सूखा पेड़ कहर बनकर टूटा। पेड़ की चपेट में आने से दस वर्षीय बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ बैठी उसकी दादी और दीदी गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन


घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां से बालिका को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना से परिजनों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया है।

भट्टोवाला गांव में शैलेंद्र रमोला का घर है। रविवार को परिजन और रिश्तेदार घर के आंगन में धूप सेक रहे थे। इसी बीच अचानक आंगन में खड़ा यूकेलिप्टस का सूखा पेड़ हिलने लगा। आसपास के लोगों ने पेड़ को टूटता देख शोर मचाया, लेकिन आंगन में बैठे परिजन समझ नहीं पाए और पेड़ सीधे उनके ऊपर गिर गया।

हादसे में राज (10) पुत्र पूरण चंद्र रमोला की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी बहन प्रीति उर्फ किरण (12) और दादी तारा देवी (70) गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि साथ बैठे अन्य लोगों की जान बच गई।
विज्ञापन


सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस सेवा से घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने प्रीति की हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
विज्ञापन

पहली बार आया चाचा के घर, 20 मिनट में मौत

मासूम की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। दर्दनाक घटना से हर किसी की आंखें नम हैं। सूचना पर कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला और जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

मासूम राज के पिता पूरण चंद्र रमोला का कुछ साल पहले देहांत हो गया था। तब से उसकी मां बबली अपने भाई के मकान के पास तपोवन में बच्चों समेत रह रही थी।

रिश्तेदारों ने बताया कि बबली करीब छह साल बाद बच्चों के साथ उनके चाचा के घर भट्टोवाला आई थी। राज तो पहली बार अपने चाचा के घर आया था, लेकिन यहां पहुंचने के करीब 20 मिनट बाद ही हादसा हो गया। बेटे की मौत से बबली बेसुध स्थिति में है। राज दो बहनों का इकलौता भाई था।

पूरे गांव में छाया मातम
घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है कि सुबह तक जिस परिवार में खुशी थी वहां अब सब कुछ बर्बाद हो गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें