परिवहन निगम के बस स्टेशनों, कार्यशालाअें और कार्यालय कक्षों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों, संघों व कर्मचारी ऋण समितियों के कार्यालय बनाए गए हैं। नियमानुसार इनका कोई प्रावधान नहीं है।
परिवहन निगम के एक आदेश ने कर्मचारी संगठनों और निगम के बीच टकराव के हालात पैदा कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि तत्काल कर्मचारी संगठनों के कब्जाए हुए कक्षों का खाली कराया जाए। दरअसल, बुधवार को परिवहन निगम के महाप्रबंधक प्रशासन श्याम सिंह राणा ने सभी मंडल प्रबंधक, सहायक महाप्रबंध को डिपो के सहायक महाप्रबंधक को आदेश जारी किया।
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इस आदेश में कहा गया है कि परिवहन निगम के बस स्टेशनों, कार्यशालाओं और कार्यालय कक्षों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों, संघों व कर्मचारी ऋण समितियों के कार्यालय बनाए गए हैं। नियमानुसार इनका कोई प्रावधान नहीं है। निगम प्रबंधन ने आदेश दिया है कि इन कमरों को तत्काल खाली कराया जाए। ताकि इनका उपयोग कार्यालय के कामों, निगम के कामों, ड्राइवर-कंडक्टरों के विश्राम कक्ष के तौर पर किया जा सके।
15 दिन के भीतर परिवहन निगम ने इसकी रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी है। इस आदेश पर कर्मचारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन प्रदेश कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि डिपो स्तर, मंडल स्तर और प्रदेश स्तर पर यूनियन की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाएं जाने के लिए यूनियन कार्यालय कक्ष की अत्यंत आवश्यकता है।
जिसको खाली किया जाना संभव नहीं है। निगम मुख्यालय ने जो आदेश जारी किया है, यूनियन इसका विरोध करती है। प्रदेश महामंत्री रवि नंदन कुमार ने कहा कि निगम प्रबंधन तत्काल इस आदेश को वापस ले नहीं तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।