स्कूलों में बच्चों को ट्रैफिक का पाठ भले ही पढ़ाया जाता हो। लेकिन राजधानी के कई बड़े नामी स्कूल खुद ही इस पाठ का पालन नहीं कर रहे हैं।
कई पब्लिक स्कूलों के सामने सुबह और दोपहर सड़कों पर जाम लग जाता है। वजह खुद इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक हैं।
छोड़ने और लेने आते वक्त होती है परेशानी
अधिकतर अभिभावक अपने निजी वाहन से बच्चों को छोड़ने और लेने आते हैं। इस दौरान ये लोग वाहनों को सड़क पर जहां-तहां खड़ा कर देते हैं।
इससे ट्रैफिक बाधित हो जाता है और सड़कों पर करीब एक घंटे तक अफरातफरी का माहौल हो जाता है।
स्कूलों के पास नहीं है पार्किंग
अधिकतर स्कूलों के पास न तो वाहन खड़ा करने के लिए उचित पार्किंग की व्यवस्था है, न ही बच्चों को घर से लाने और छोड़ने के लिए बस की समुचित व्यवस्था है। ऐसे में लोग अपने बच्चों को अपने वाहन से स्कूल लाते हैं और ले जाते हैं।
स्कूल में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने की वजह से वह अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं।
भेजी गई है नोटिस
राज्य सूचना आयोग ने कुछ माह पहले एक नामी स्कूल को नोटिस भेजकर कह चुका है कि वह अपने स्कूल में पार्किंग की समुचित व्यवस्था करे। छात्रों को लाने और ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था करे। लेकिन इस स्कूल ने अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनाई है।
पुलिस प्रशासन ने भी कई बार यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए स्कूल संचालकों को नोटिस भेज चुका है लेकिन स्कूल संचालक नियमों पर अमल नहीं कर रहे हैं।
यहां होती है अधिक परेशानी
राजपुर रोड, ईसी रोड और डालनवाला क्षेत्र में पब्लिक स्कूलों की संख्या अधिक है। यहां एक ही समय पर स्कूलों में छुट्टी होती है। ऐसे में दोपहर में इन क्षेत्रों की सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। मुख्य सड़क के अलावा आसपास की गलियों तक में जाम लग जाता है। कई बार तो पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
इन स्कूलों के बाहर ज्यादा समस्या
स्कालर होम राजपुर रोड, सेंट जोजेफ्स स्कूल राजपुर रोड, सेंट थामस स्कूल फालतू लाइन, मार्शल स्कूल ईसी रोड, सेंट ज्यूड्स शिमला बाईपास, राजाराम मोहन राय अकादमी सहारनपुर रोड आईएसबीटी, ब्राइटलैंड डालनवाला, कर्नल ब्राउन डालनवाला और एशिएन स्कूल वसंत विहार आदि स्कूलों के बाहर दोपहर में छुट्टी के दौरान जाम लगता है। इनके अलावा भी कई और स्कूल हैं जहां दोपहर के समय जाम लगता है।
अंतराल पर हो छुट्टी तो कुछ राहत
सभी स्कूलों में दोपहर में एक ही समय पर छुट्टी कर दी जाती है। ऐसे में एक ही समय में बच्चे और उनके अभिभावक सड़क पर आ जाते हैं, जिसकी वजह से जाम लग जाता है।
यदि स्कूल वाले दस-दस मिनट के अंतराल पर छुट्टी करें तो जाम की स्थिति से बचा जा सकता है। पुलिस अधिकारी कई बार स्कूलों को ऐसा प्रस्ताव भेज चुके हैं लेकिन एक भी स्कूल इन पर अमल करने के लिए तैयार नहीं है।
चालान से भी फर्क नहीं
पुलिस स्कूलों के बाहर खड़े 20 से 25 वाहनों का रोजाना चस्पा चालान करती है। कई को क्रेन से उठाकर ट्रैफिक दफ्तर या थाना-चौकियों में ले जाती है। इसमें अधिकतर कारें और दुपहिया वाहन होते हैं।
छात्र और अभिभावक चालान भुगत लेते हैं लेकिन स्कूलों के बाहर नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने की प्रवृत्ति छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।