आरबीआई ने 2005 से पुराने नोट वापस लेने का क्रम तो शुरू कर दिया है, लेकिन इस निर्देश से ऐसे कई ग्राहकों में बेचैनी है, जिनका प्रतिदिन का बैंक लेन-देन 50 हजार रुपए या इससे भी अधिक का है। वह जांच से बचने को इस राशि से कम जमा करा रहे हैं।
पैन है जरूरी
बता दें कि 50 हजार रुपए से अधिक राशि खाते में जमा करने पर परमानेंट एकाउंट नंबर (पैन) देना जरूरी है, जबकि अभी तक कई ग्राहकों के पास अपना पैन नहीं है।
ऐसे में 50 हजार रुपए की राशि जमा होते ही वह जांच के दायरे में आ जाते। यूं भी हर बड़े लेन-देन पर आयकर विभाग की नजर है। इसके लिए राज्य में टीमें भी बनाई गई हैं।
अधिकारियों को पड़ रहा समझाना
विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जेसी मिन्हास के अनुसार अभी तक हालांकि लिखित में इस संबंध में निर्देश आने बाकी हैं। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने बेशक नोट और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं।
अभी भी कई ग्राहक इस कवायद का मूल उद्देश्य समझने में नाकाम है। अधिकारियों को उन्हें अतिरिक्त समय देकर समझाना पड़ रहा है।