देहरादून पुलिस के नान पीक ऑवर में सिटी बस और विक्रम डायवर्ट करने से दूसरे दिन भी राहत रही। यातायात का दबाव घटा तो दर्शन लाल चौक और घंटाघर पर ट्रैफिक तेज गति से दौड़ा। महाराजा अग्रसेन चौक से लेकर घंटाघर पहुंचने की समय सीमा भी घटकर आधी हो गई, क्योंकि इस लेन के वाहन बिना बाधा के दौड़ रहे हैं।
दून अस्पताल चौक पर ट्रैफिक दबाव कम हुआ तो पुलिस ने शाम चार बजे के करीब सिटी बस और विक्रम द्रोण होटल के बराबर से लैंस डाउन चौक की ओर डायवर्ट कर दिए। इसके चलते द्रोण चौक से घंटाघर तक ट्रैफिक का दबाव खुद ही कम हो गया और दर्शन लाल चौक से वाहनों का आवागमन सुगमता से होता रहा।
मंगलवार को घंटाघर से लेकर राजपुर रोड तक सड़क खाली-खाली नजर आई। एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल लगातार दूसरे दिन भी डायवर्ट मार्ग पर घूमकर जायजा लेते हुए नजर आए। हालांकि विक्रम डायवर्ट किए जाने से सीधे दर्शन लाल चौक और घंटाघर उतरने वाले यात्रियों को थोड़ी दिक्कत जरूर हुई। क्योंकि उन्हें वहां पहुंचने के लिए दून अस्पताल चौक अथवा बुद्धा चौक से पैदल आवागमन करना पड़ रहा है।
नहीं काटेंगे घंटाघर का चक्कर
प्रेमनगर से घंटाघर और घंटाघर से प्रेमनगर चलने वाले विक्रमों का दबाव कम किया गया है। एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल ने बताया कि प्रेमनगर से आने वाले विक्रम अब घंटाघर की परिक्रमा नहीं करेंगे। वो घंटाघर से पहले ही डायवर्ट होकर प्रेमनगर की ओर वापस जाएंगे।
पीक ऑवर में जाम से राहत देने का चैलेंज
पीक ऑवर में जाम से राहत देने का चैलेंज अभी बरकार है। घंटाघर को वन-वे और राजपुर रोड जाने वाले वाहनों को सीधे दर्शन लाल चौक से एस्ले हाल की तरफ निकालने की योजना के नुकसान और फायदे को लेकर गुणा-भाग जारी है। खासतौर से स्कूलों की छुट्टी के समय ट्रैफिक संचालन करना टेढ़ी खीर से कम नहीं है।
सिटी बस और विक्रम को डायवर्ट करने का प्लान उस समय लागू होता है, जब ट्रैफिक का दबाव पहले से कम हो जाता है। पूर्वाह्न 11 से लेकर दो बजे तक का समय सबसे ज्यादा ट्रैफिक का दबाव रहता है, इससे मुख्य मार्गों पर जाम लगता है। इसे लेकर ही पुलिस की सबसे ज्यादा फजीहत भी होती है।
इसी कड़ी में केवल खुराना के एसएसपी कार्यकाल में लागू किए गए वन-वे प्लान पर फिर से लागू करने की कवायद चल रही है। दूसरा प्लान राजपुर रोड जाने वाले वाहनों को घंटाघर के बजाए दर्शन लाल चौक से ही एस्ले हाल की तरफ से निकालने का है। इन दोनों प्लान को जल्दबाजी में लागू कर पुलिस किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है, क्योंकि पहले भी उस पर पुलिस की फजीहत हो चुकी है।
प्रधानाचार्यो की बैठक आज
एसएसपी ने ट्रैफिक प्लान के मद्देनजर बुधवार को अपने आफिस में शहर के स्कूलों के प्रधानाचार्यों और संचालकों की बैठक बुलाई है, जिसमें स्कूल टाइमिंग के साथ सुधार के प्रयासों पर चर्चा होगी।