केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ को सभी ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर शुक्रवार को हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को राजधानी देहरादून में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। बीएसएनएल इंपलाइज यूनियन के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। आईएसबीटी पर उत्तराखंड रोडवेज कर्मियों ने केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही उत्तराखंड रोजवेज की बस संचालित न होने के कारण यात्रियों ने यूपी की बसों का सहारा लिया।
ट्रेड यूनियन की हड़ताल में सिटू से संबद्ध आशाएं भी कार्य बहिष्कार पर रहीं। प्रदेशभर में ग्यारह हजार आशा कार्यकत्रियां हैं। आशाओं की हड़ताल से एमएसबीवाई के नवीन पंजीकरण समेत अन्य कार्य प्रभावित रहे। आशाओं पर गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव की भी जिम्मेदारी होती है।
संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति उत्तराखंड ने हड़ताल और चक्काजाम करने का एलान किया है। रोडवेज की बसें संचालित नहीं होंगी। समिति ने निर्णय लिया कि सुबह 10 बजे यूनियनों के कर्मचारी परेड ग्राउंड में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जलूस निकालेंगे। इसके अलावा भी कई विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम शहरभर में आयोजित होंगे।
इन्होंने किया हड़ताल का समर्थन
सरकारी बैंकों के अलावा नैनीताल बैंक, कर्नाटक बैंक, फेडरल बैंक
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति
जिला देहरादून ड्राइवर कंडक्टर यूनियन देहरादून
रोडवेज कर्मचारी इंप्लाइज यूनियन
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद