टिकट काउंटर पर तैनात कर्मचारी महेश जोशी के मुताबिक, सैलानियों को एक्वेरियम भ्रमण के टिकट जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसका असर नौका चालकों और पर्यटन व्यवसायियों के रोजगार पर पड़ा है। पर्यटन व्यवसायी मौजूदा हालात के लिए प्राधिकरण के अफसरों को जिम्मेदार मान रहे हैं।
सैलानियों के एक्वेरियम में प्रवेश पर रोक लगी होने के कारण प्राधिकरण को रोज हजारों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक्वेरियम में घूमने के लिए प्रति सैलानी 60 रुपये का शुल्क तय था, इससे रोजाना प्राधिकरण को हजारों रुपये की आय होती थी, लेकिन जब से सैलानियों का प्रवेश बंद हुआ है, तब से एक्वेरियम में सन्नाटा पसरा है।
पर्यटन व्यवसायी गुस्से में, तालाबंदी की चेतावनी दी
एक्वेरियम की दशा सुधारने के बजाए सैलानियों का प्रवेश रोकने से नौका चालक और पर्यटन व्यवसायी गुस्से में हैं। पर्यटन व्यवसायी देवेंद्र सिंह फर्त्याल का कहना है कि यदि पर्यटक सीजन शुरू होने से पहले एक्वेरियम की दशा नहीं सुधारी गई तो व्यवसायी आंदोलन को मजबूर होंगे।
एक्वेरियम में मछलियां न होने के कारण सैलानियों का प्रवेश फिलहाल कुछ समय के लिए रोका गया है। एक्वेरियम को पर्यटक सीजन में बेहतर रूप देने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कर इसे सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा।
-हरबीर सिंह, सचिव, जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल