शनिवार से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता तीन पर्यटकों के शव ऋषिकेश के बैराज में मिले हैं। चौथे साथी का शव पुलिस को रविवार को गंगा किनारे मिला था।
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परिजनों द्वारा शिनाख्त करने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद परिजन गमगीन रहे। पुलिस के मुताबिक पर्यटकों की मौत गंगा में डूबने से हुई है।
बुधवार सुबह सूचना मिलने पर लक्ष्मणझूला पुलिस ने बैराज से तीनों शव बाहर निकाले।
आए थे गंगा में राफ्टिंग करने
दोपहर दिल्ली से पहुंचे परिजनों ने उनकी शिनाख्त जयप्रकाश यादव (32) पुत्र ओमप्रकाश, रमेश यादव (32) पुत्र धर्मवीर यादव निवासी 786/2 लिंक रोड, ओल्ड फरीदाबाद, हरियाणा और अरुण यादव (26) पुत्र ताराचंद निवासी डब्ल्यूजेड 115 टोडापुर, थाना इंद्रपुरी, नई दिल्ली के रूप में की।
परिजनों ने बताया कि जयप्रकाश का स्पेयर पार्ट्स और रमेश का इलेक्ट्रानिक का कारोबार था। दोनों बीते शनिवार को साले अरुण और उसके दोस्त जतिन शर्मा (26) पुत्र विश्वनाथ शर्मा निवासी आरकेपुरम, नई दिल्ली के साथ रिवर राफ्टिंग के लिए शिवपुरी आए थे।
लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किए जाएंगे। बताया कि पर्यटकों की मौत गंगा में नहाते समय डूबने से हुई है।
गंगा में उतरे नहाने और बह गए
बीते रविवार को नाव घाट में मिले जतिन के शव की शिनाख्त होने पर उसके तीन अन्य साथियों के लापता होने की बात सामने आई।
मंगलवार से छानबीन में जुटी पुलिस ने बुधवार सुबह शिवपुरी क्षेत्र में वाटरफॉल के समीप लावारिस हालत में खड़ी एक स्कॉर्पियो बरामद की। इसी कार से चारों दिल्ली से शिवपुरी राफ्टिंग के लिए आए थे।
स्विच ऑफ थे मोबाइल वाहन के अंदर चार मोबाइल, जो स्विच ऑफ थे। दो लैपटाप और कपड़े मिले। पुलिस ने बताया कि चारों मोबाइल, कपड़े और अन्य सामान वाहन में रखकर नहाने के लिए गंगा में उतर गए, इसी बीच हादसा हो गया।
बीच कैंप में नहीं कराई थी एंट्री
शिवपुरी राफ्टिंग के लिए चारों पर्यटकों की किसी भी बीच कैंप में एंट्री नहीं मिली। छानबीन में जुटे घाट चौकी इंचार्ज अनिल चौहान ने बताया कि शिवपुरी में प्रत्येक बीच कैंप और राफ्टिंग कंपनी में पहुंचकर गहनता से जांच पड़ताल की गई, लेकिन कहीं इनकी एंट्री नहीं थी।
परिजनों ने पूछताछ में बताया कि सभी शनिवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे पहुंचे गए थे, इस बीच मोबाइल से संपर्क हुआ था।
इसके बाद सभी के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। पुलिस के मुताबिक डूबने की घटना दोपहर 12 से डेढ़ बजे की बीच हुई होगी।
बीते रविवार को नावघाट पर मिले शव की शिनाख्त नहीं होती तो तीन लोग और गुमनामी में दफन हो जाते। सवाल उठता है कि चार लोग गंगा में डूब गए और पुलिस को खबर तक नहीं।
कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में चूक और तीर्थनगरी में यात्रियों की आमद की जानकारी नहीं रखना है। यात्रा सीजन करीब है और बाहरी प्रदेशों से कई पर्यटक तीर्थनगरी सैर सपाटे के लिए आते हैं।
ऐसे में पर्यटक कहां से आए हैं और कहां ठहरेंगे, कितने दिन का टूर है, इसकी व्यवस्था पुलिस को करनी होगी।