पर्वतमाला मिशन से आसान होगी पर्यटकों की राह
राज्य में पर्वत माला मिशन के तहत 40 स्थानों पर रोपवे विकसित किए जाएंगे। 3,600 करोड़ की लागत से गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे बनाया जाएगा। एनएचएआई के अधीन नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड डीपीआर तैयार कर रही है। इसके अलावा 300 करोड़ रुपये से देहरादून-मसूरी का निर्माण इसी साल दिसंबर में शुरू होगा। खरसाली से यमुनोत्री, ठुलीगाड से पूर्णागिरी, औली से गारसों, रानीबाग से नैनीताल, पंचकोटी से टिहरी, खलियाटॉप से मुनस्यारी, ऋषिकेश से नीलकंठ रोपवे का निर्माण किया जाएगा।
वाईब्रेंट विलेज से पर्यटकों से गुलजार होंगे सीमांत गांव
केंद्र की वाईब्रेंट विलेज योजना से चीन-नेपाल की सीमा से सटे चमोली, पिथौरागढ, उत्तरकाशी जिले के 51 गांव में पर्यटन दृष्टि से विकसित होंगे। सीमांत गांवों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
प्रदेश में ब्रेकफास्ट टूरिज्म शुरू करने की तैयारी
मसूरी के जार्ज एवरेस्ट से हेलिकॉप्टर से हिमालय दर्शन राइड शुरू की गई है। इसी तरह पर्यटकों के लिए ब्रेकफॉस्ट टूरिज्म को शुरू करने की तैयारी है, जिसमें पर्यटकों को प्रदेश के ऐसे खूबसूरत स्थलों पर ले जाया जाएगा। जहां पर उन्हें नैसर्गिक सुंदरता को निहारने के साथ ब्रेकफास्ट की सुविधा भी होगी।
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चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्री
वर्ष यात्रियों की संख्या
2019 34.78 लाख
2020 3.30 लाख
2021 5.30 लाख
2022 46.29 लाख
2023 अब तक 42 लाख
पर्यटकों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधा
श्रेणी संख्या बेड की संख्या
होटल, लॉज 8,250 2 लाख
धर्मशाला व आश्रम 873 1.56 लाख
सरकारी गेस्ट हाउस 363 2,271
पर्यटन आवास, रेनबसेरा 208 7,709