गुजरात की तर्ज पर क्षेत्रीय फिल्मों को बढ़ावा देने के मकसद से उत्तरांचल फिल्म दर्शन क्लब (यूएफडी) टूरिंग टाकीज शुरू करने जा रहा है।
इन टाकीज के जरिये प्रदेश भर में फिल्में दिखाई जाएंगी। क्लब सिर्फ फिल्म दिखाने तक सीमित नहीं रहेगा, किसी वजह से अधूरी रह जाने वाली फिल्मों के निर्माण में भी सशर्त मदद की जाएगी।
प्रदेश में बनती हैं कई फिल्में
प्रदेश में गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी फिल्में बनती जरूर हैं, लेकिन कब आती हैं और कब चली जाती हैं, पता नहीं लगता। सिनेमा से दूर ये फिल्म सीडी तक ही सीमित रहती हैं। क्लब टूरिंग टाकीज के तहत राज्यभर में फिल्में दिखाएगा।
सस्ता होगी टिकट
इसके लिए अलग-अलग कस्बों, जिलों में किसी हाल या ग्राउंड में प्रोजेक्टर और जेडियल साउंड सिस्टम के जरिये फिल्में दिखाई जाएंगी।
इसके लिए दर्शकों को दस से पचास रुपए तक का टिकट लेना होगा, जबकि सुविधाएं मल्टीप्लेक्स जैसी दी जाएंगी। यह रेट फिल्म के निर्माता के हिसाब से तय होगा।
मार्च में शुरू होगी टाकीज
यूएफडी के चेयरमैन जीएस थापा ने बताया कि इससे जहां फिल्म निर्माता अपनी लगाई रकम काफी हद तक वसूल सकेंगे, सरकार को भी राजस्व लाभ होगा।
फिल्मों के लिए शर्त यह होगी कि टाकीज में दिखाने से पहले सीडी बाजार में नहीं आएगी। बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह से टाकीज की शुरुआत होगी। मुंबई से किसी सेलिब्रिटी को बुलाकर इसका उद्घाटन किया जाएगा।