टोक्यो ओलंपिक की हॉकी स्टार वंदना कटारिया पर ग्रामीणों को नाज है। उनका कहना है कि वंदना ने जो करके दिखाया है, उससे गांव को पूरे विश्व में अलग ही पहचान मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि वंदना के गांव में लौटने पर उसका जोरदार स्वागत किया जाएगा। वंदना से टोक्यो ओलंपिक के अनुभव भी सुने जाएंगे।
हमारे गांव की हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया है। इससे वंदना पर सभी ग्रामीणों को नाज है। वंदना के आने पर उसका जोरदार स्वागत किया जाएगा।
-शहजाद
वंदना ने शानदार प्रदर्शन कर साबित कर दिया कि गांव की बेटियां किसी भी खेल में पीछे नहीं हैं। वंदना से प्रेरणा लेकर गांव के बच्चों का भी खेल के प्रति रुझान बढ़ेगा। वंदना पर सभी को गर्व है।
-निजाम पठान
वंदना जब टोक्यो ओलंपिक में गई थी, तभी ग्रामीणों को पूरा भरोसा था कि वह जरूर कुछ अच्छा करेगी। यही वंदना ने करके भी दिखा दिया। हैट्रिक लगाकर पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनकर जो कार्य किया, उससे वंदना पर नाज है।
-रविंद्र
गांव के बच्चों के लिए वंदना एक आदर्श बन चुकी है। वंदना को आदर्श बनाकर बच्चे खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकेंगे। वंदना के खेल ने गांव का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया है। इसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है।
- पवन
मैं और वंदना के पिता स्व. नाहर सिंह बचपन के दोस्त हैं। एक साथ जीवन बीता, लेकिन आज खुशी के मौके पर वह नहीं हैं। अगर वह आज होते तो बात ही कुछ और होती है। खैर वंदना बेटी ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचकर अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
- मंगता हसन