कुंभ-2010 में स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये का घोटाला सुर्खियों में रहा। कैग ने भी उसे उजागर किया था। जांच अब तक भी चल रही है। अब फिर से शौचालयों के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल शुरू हो गया है। अर्द्धकुंभ-2016 के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 15 करोड़ रुपये अस्थायी शौचालयों के निर्माण के लिए मांगे हैं।
कुंभ मेला-2010 में शौचालयों एवं मूत्रालयों के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये ठिकाने लगाए गए थे। उस समय मेला प्रशासन ने तीन करोड़ रुपये की लागत से 300 स्थायी शौचालय बनाने का दावा भी किया था।
अधिकारियों का कहना था स्थायी शौचालय कुंभ के बाद उपयोग में लाए जा सकेंगे। मेला क्षेत्र में लगभग 1200 अस्थाई शौचालय बनाए गए थे लेकिन जब कैग की टीम जांच के लिए आई तो उसे एक भी स्थायी शौचालय नहीं मिला। इसका उल्लेख कैग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में भी किया गया था।
अब अर्द्धकुंभ-2016 के प्रस्तावित कार्यों के प्रस्ताव में स्वास्थ्य विभाग ने 15 करोड़ एक लाख रुपये अस्थायी शौचालयों के निर्माण के लिए मांगे हैं।