नवरात्र के लिए शहर का बाजार सज चुका है। बाजार में हर बजट का सामान है। माता की चौकी, परिधान, मुकुट, मूर्तियां आदि हर रेंज में उपलब्ध हैं। 500 से लेकर 50 हजार रुपये तक माता के दरबार पर खर्च किए जा रहे हैं। लोग बजट के अनुसार माता का दरबार सजाने के लिए सामान खरीद रहे हैं।
मंगलवार से बाजार में नवरात्र की खरीदारी शुरू हो गई। पलटन बाजार में माता की चौकी 150 से 1400 रुपये तक की उपलब्ध है। इसकी किनारों पर मेटल वर्क है। 20 रुपये से 1200 तक की चुन्नियां भी हैं।
महंगी चुन्नियों में हैवी और जरी का वर्क है। माता के वस्त्रों को देखें जो 20 से 5000 रुपये तक हैं। पांच हजार की कीमत वाले वस्त्रों में पूरा जरी का वर्क है। बड़ी मूर्तियों को सजाने के लिए तीन से पांच हजार तक कीमत वाले वस्त्रों की अच्छी मांग है।
दामों में 10 फीसदी उछाल
बाजार में 25 से 2000 रुपये तक के मुकुट भी हैं। इन्हें मोती और नगों से सजाया गया है। ज्यादा खर्चा मूर्तियों पर है। बाजार में 100 रुपये से 15000 तक की मूर्तियां हैं। इसमें फाइबर, पीतल, अष्टधातु की बनी मूर्तियां शामिल हैं। फाइबर की मूर्तियां 100 से 3500 रुपये तक हैं, जबकि पीतल की मूर्तियां 280 से लेकर 15 हजार तक की है।
पलटन बाजार में पूजा सामग्री विक्रेता अशोक राय ने बताया इस बार सामान के दाम दस प्रतिशत बढ़े हैं। धूप, रंगोली, नाला, कपूर जैसी छोटी-छोटी पूजा सामग्री भी महंगी हुई हैं।
पूजा की थाली---------80 से 380 रुपये
शृंगार सामग्री---------10 से 250 रुपये
मालाएं---------20 से 500 रुपये
दीये (पीतल के)-------20 से 1000 रुपये
अध्याय के अनुसार किताबें
नौ दिन के पाठ के लिए बाजार में अध्याय के अनुसार किताबें मौजूद हैं। इसमें पहले व्रत से लेकर और आखिरी व्रत तक हर दिन क्या पढ़ना है, उसकी पूरी जानकारी दी गई है। दुर्गा सप्तशती, नवरात्र पाठ और दुर्गा स्तुति की किताबें अधिक खरीदी जा रही है। इनकी कीमत 30 से 100 रुपये तक है।