अरबी कलंडर के बारहवें महीने जिल-हिज्जा की दस तारीख को बुधवार के दिन ईदुल अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाया जाएगा।
पैगंबर इब्राहीम अलैहस्सलाम की सुन्नत पर अमल करते हुए लोग बकरों की कुरबानी देंगे। बकरीद की नमाज के बाद जानवरों की कुरबानी का सिलसिला शुरु हो जाएगा।
सुन्नत को याद करने के लिए त्योहार
मुफ्ती सलीम अहमद ने बताया कि हजरत इब्राहीम अलैहस्सलाम की सुन्नत को याद करने के लिए यह त्योहार मनाया जाता है। जो व्यक्ति बकरे की कुरबानी देगा। वह सुबह से कुरबानी होने तक रोजा रखेगा।
इस दौरान कोई भी नफिल नमाज अदा नहीं की जाएगी। मुफ्ती ने बताया कि बेहतर यही होगा कि बकरे की कुरबानी देने वाला व्यक्ति अपना रोजा उसी बकरे के गोश्त से खोले।
मसजिदों में ईदुल अजहा की नमाज
शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासिमी ने बताया कि ईदगाहों के अलावा मसजिदों में ईदुल अजहा की नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार हंसी-खुशी मनाएं।
इस तरह की कोई हरकत नहीं होनी चाहिए जिससे किसी दूसरे को किसी तरह की तकलीफ पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिल-हिज्जा की दस तारीख के अलावा लोग ग्यारह और बारह को भी कुरबानी करा सकते हैं।
लोगों को बकरीद की बधाई
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी ने अलग-अलग मुसलिम समाज के लोगों को बकरीद की बधाई दी है।