धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी करने तो आप जरूर जाएंगे, लेकिन ध्यान रखें कहीं यह खरीदारी आपकी जेब को फटका न दे दे। अगर आप सोने पर लेबर चार्ज से मुक्ति का आफर पढ़ सोना खरीदने निकलें तो जान लें कि इसमें वेस्टेज का खर्च शामिल नहीं होगा। वह आपको अपन जेब से ही देना होगा।
चांदी के सिक्के खरीदेंगे तो भी मोल-भाव करते हुए सचेत रहें। इनका वजन कराना न भूलें। कैरोमीटर से वजन कराके आप कम वजन के सिक्कों के लिए अधिक भुगतान करने से बच सकते हैं। इसके अलावा और भी कई तरीके हैं जेब को कटने से बचाने के लिए।
बिल के गोलमाल को भी परखें
दुकान से खरीदारी के बाद अक्सर दुकानदार एक पर्चा काटकर ग्राहक को पकड़ा देते हैं, जिसमें सामान के मूल्य का जोड़ लिखा होता है। पक्का बिल देने में दुकानदार अक्सर बचते हैं। कई बार बिल मांगने पर वे कैश मेमो में बिल बनाकर दे देते हैं और ग्राहक उसे पक्का बिल समझ लेते हैं।
बिल के इस गोलमाल परखने की जरूरत है। दरअसल पक्का बिल देने पर दुकानदार ग्राहक से टैक्स भी बिल के साथ जोड़कर लेता है। कई बार ग्राहक भी टैक्स से बचने के लिए पक्का बिल नहीं लेता।
इसलिए जरूरी है बिल
कच्चे बिल के दावे पर उपभोक्ता फोरम भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, मगर पक्का बिल हो तो दुकानदार के नहीं मानने पर उपभोक्ता फोरम में दावा कर सामान का मूल्य या सामान लिया जा सकता है।