दून अस्पताल में शुक्रवार से मरीजों को दवाएं मिलेंगी। अस्पताल की ओपीडी के पूरे समय दवा काउंटर खुले रहेंगे।
फार्मासिस्टों ने कार्य बहिष्कार का समय बदल दिया है। दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल में मरीजों को दवाएं न मिलने और जांच न होने से मरीजों की संख्या घट गई थी।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष बीपी थपलियाल ने बताया कि फार्मासिस्ट ओपीडी में काम करेंगे। इमरजेंसी सेवा में नहीं रहेंगे। फार्मासिस्ट शाम तीन बजे से अगले दिन सुबह नौ बजे तक काम नहीं करेंगे। फार्मासिस्टों के ओपीडी में कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों की संख्या घट गई थी। फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही थी।
नहीं हुई जांचें, मरीज रहे परेशान
लैब टेक्नीशियनों की हड़ताल की वजह से पैथोलोजी की जांचें नहीं हो पातीं। डाक्टरों का कहना है कि ओपीडी में 30 फीसदी मरीज ही रह गए हैं। बृहस्पतिवार को दून अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही।
ओपीडी में एक-दो डाक्टरों को छोड़कर दोपहर डेढ़ बजे तक बाकी डाक्टरों के चैंबर खाली हो गए। दून महिला चिकित्सालय में भी यही हाल रहा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में डिलेवरी तो हो रही हैं, लेकिन ओपीडी में मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है।
दवा के लिए मरीजों का हंगामा
देहरादून। दून अस्पताल में दवा के लिए मरीजों ने हंगामा किया। मरीज डाक्टरों को दिखाकर जब तक दवा काउंटर पर पहुंचे, खिड़की बंद हो चुकी थी। इस पर मरीज झुंझला गए। कुछ रोगियों के पहुंचते-पहुंचते दवा काउंटर बंद हो गया। इस पर वे चिल्लाने लगे। कुछ देर तक हो-हल्ला, हंगामा के बाद चले गए।