राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन के लिए एक बार फिर चुनौती बढ़ गई है। इसे देखते हुए गुरुवार से दून अस्पताल में नेत्र रोग, चर्म रोग, मनोरोग, नाक-कान-गला और दंत रोग संबंधी मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। जबकि, अन्य विभागों में भी सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है।
पिछले साल मार्च में कोरोना की दस्तक शुरू हो गई थी। पहला मरीज 15 मार्च को दून अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसके बाद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल को पूरी तरह से कोविड-हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया था।
सामान्य मरीजों की ओपीडी सुविधा, उन्हें भर्ती करने और गैर कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं का भी दून अस्पताल में उपचार नहीं किया गया। ताकि, सामान्य मरीजो को कोरोना संक्रमण न फैले। कोरोना के मरीज घटने पर अब धीरे-धीरे अस्पताल में सामान्य मरीजों को भी उपचार मिलना शुरू हो गया था। मरीजों के ऑपरेशन और भर्ती की सुविधा भी शुरू हो गई थी।
अब फिर से कोरोना मरीज बढ़ने पर बुधवार को प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत और सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। जिसमें फिलहाल चिह्नित विभागों के मरीज भर्ती नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अगले आदेश तक यह व्यवस्था चलती रहेगी।