प्रदेश में कोरोना मरीजों की मौत होना तो थम गई है लेकिन संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। ठीक होने वालों की संख्या भी कम हो रही है। गत वर्ष की तुलना में प्रदेश में सैंपल जांच के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग के एक सप्ताह के आंकड़ों का आकलन करने पर पाया गया कि प्रदेश में संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। 15 मार्च को प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला मिला था। कोरोना काल का 51 सप्ताह का समय बीत गया है। 50वें सप्ताह 21 से 27 फरवरी तक प्रदेश में 71886 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 292 संक्रमित मामले, 300 मरीज ठीक हुए और छह कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। जबकि 51वें सप्ताह 28 फरवरी से छह मार्च तक 79025 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 414 संक्रमित, 225 मरीज ठीक हुए और मात्र दो मरीजों की मौत हुई है।
कोरोना के आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में पहले कोरोना मरीजों की मौत कम हो रही थी। गत सप्ताह की तुलना में संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम हुई है। कोरोना संक्रमण को लेकर अभी सतर्क और जागरूकता होने की जरूरत है।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज स्थित टीकाकरण केंद्र में श्रीराम जन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 86 वर्षीय ट्रस्टी महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि ने कोरोना का पहला टीका लगवाया है। उनके शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद ने भी टीकाकरण करवाया। स्वामी परमानंद गिरि ने कहा कि कोविड टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।
श्रीराम जन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और अखंड परमधाम के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि रविवार को ऋषिकुल टीकाकरण केंद्र पहुंचे। टीकाकरण के बाद आधे घंटे तक वे निगरानी कक्ष में रहे।
स्वामी परमानंद गिरि ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से देश का सुरक्षित रखने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से पहले और बाद में मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी से अपनी बारी आने पर टीकाकरण कराने की अपील की।