भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाया है। उनके इस प्रयास को रूठे नेताओं को साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी ने उत्तराखंड की चौबट्टाखाल सीट से रावत का टिकट काटकर कांग्रेस से आए सतपाल महाराज को उम्मीदवार बनाया था। इस सीट से वर्तमान विधायक होने के नाते रावत अपना दावा मजबूत मान रहे थे। मगर संघ और भाजपा नेतृत्व की आंखों का नूर बने महाराज चौबट्टाखाल का मैदान मारने में रावत पर भारी पड़े थे। इसके बाद से तीरथ सिंह रावत के नाराज होने की चर्चाएं रहीं। उनके बयानों ने भी इसी बात की ओर इशारा किया था।
कांग्रेस से पींगें बढ़ाने की चर्चा भी रही। वहीं भाजपा में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा। लेकिन ऐन चुनाव के बीच में अजय भट्टा की जगह तीरथ को कमान सौंपने से गलत संदेश जाने के भय ने भाजपा आलाकमान को सोचने पर मजबूर किया। अब शाह ने तीरथ को अपनी टीम में राष्ट्रीय सचिव नियुक्त कर उनका सम्मान बढ़ाने का प्रयास किया है।
आने वाले समय में पार्टी आलाकमान तीरथ का राजनीतिक वजन और भी बढ़ा सकता है। तीरथ को संगठन क्षमता का धनी माना जाता है। एक समय वे पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के करीबी मानें जाते थे, बाद में उनकी आस्था पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ भी जुड़ गई थी। बावजूद इसके संगठन क्षमता के कारण उनकी छवि पार्टी नेता के रूप में रही।