इसके अलावा 22 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें अल्मोड़ा से नीता गोस्वामी, गीता देवी, बागेश्वर से पुष्पा, चंपावत से हेमा बोरा, चमोली से अंजना रावत, देहरादून से हयात फातिमा, सुधा, सीमा, हरिद्वार से पूनम, सुमनलता यादव, असमा, नैनीताल से गंगा बिष्ट, समारेज, निर्मला पांडे, पिथौरागढ़ से चंद्रकला, पौड़ी से अर्चना देवी, रोशनी, रुद्रप्रयाग से सुशीला देवी, टिहरी गढ़वाल से लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, उत्तरकाशी से कुसुम मेहर और बीना चौहान शामिल हैं।
वीरांगना तीलू रौतेली
तीलू रौतेली उत्तराखंड की ऐसी वीरांगना है। जो केवल 15 साल की उम्र में रणभूमि में कूद गई थी। सात साल तक उन्होंने दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी। 15 से 20 साल की आयु में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली विश्व की एकमात्र वीरांगना है, जिनकी जयंती पर प्रदेश सरकार की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को हर साल पुरस्कृत किया जाता है।