चंपावत जिले के लोहाघाट में गुमदेश की ग्राम पंचायत धौनीशिलिंग के मड़ गांव में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर खतरे में है। मंदिर उत्तर दिशा की ओर झुक गया है और उसमें दरारें पड़ गई हैं।
पांचवीं सदी के इस सूर्य मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा पुरातत्व विभाग का है। लेकिन वहां न तो विभाग का कोई कर्मचारी रहता है और न ही इन दुर्लभ धरोहरों की देखरेख ही की जाती है।
विशिष्ट शिल्प से बना सूर्य मंदिर
मंदिर के पुजारी शंकर दत्त पांडेय बताते हैं कि इस बार आपदा के चलते विशिष्ट शिल्प से बना सूर्य मंदिर उत्तर दिशा की ओर झुक गया है। इससे मंदिर में दरारें पड़ गई हैं।
गांव के नर सिंह पुजारी, मान सिंह पुजारी, घनश्याम पांडेय, लक्ष्मण सिंह पुजारी, जगदीश सिंह धामी और मोहन पांडेय आदि का कहना है कि मंदिर के पीछे शिलिंग चौपता से निकलने वाला नाला बहता है।
पुरातत्व विभाग को है जानकारी
मंदिर की एक तरफ की दीवार ढहने से मंदिर उस ओर झुक गया है। पुजारी शंकर पांडेय के मुताबिक वह इस संबंध में पुरातत्व विभाग को अवगत करा चुके हैं, लेकिन विभाग धन की कमी का रोना रोता है।
पुरातत्व विभाग के अन्वेषण सहायक सीएस चौहान का कहना है कि उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी से मंदिर की दीवार बनाने को कहा है।