रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ बीपी सिंह के मुताबिक जिस स्थान पर बाघिन का शव मिला, उससे कुछ दूरी पर सांभर का आधा खाया हुआ शव भी था। इससे साफ है कि शिकार के बाद बाघिन उसे खा रही होगी, तभी अन्य बाघ या बाघिन ने उस पर हमला कर दिया होगा और उसकी संघर्ष में उसकी मौत हो गई।
वहीं, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का दावा है कि बाघिन की मौत आपसी संघर्ष में ही हुई है। उसी क्षेत्र में दूसरा बाघ/बाघिन भी है। शिकार के बाद उसे खाने को लेकर संघर्ष हुआ तो दूसरे जानवर ने बाघिन का पिछला हिस्सा और दाहिना पैर आधा खा लिया।