एक माह में आ जाएगा गुलदार के शावकों का जोड़ा
दून चिड़ियाघर में एक माह के भी गुलदार के दो शावकों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से यहां लाया जाएगा। इसके अलावा दो भालू (स्लोथ और ब्लैक बीयर प्रजाति), दो लोमड़ी, दो हाइना (लकड़बग्घा) को भी जू में लाया जाएगा। फिलहाल जू में एक मादा गुलदार, 23 प्रकार की प्रजातियों की चिड़िया, 23 प्रकार के वन्यजीव, सांपों की दस प्रजातियां, मगरमच्छ, घड़ियाल जैसे जीव मौजूद हैं। इसके अलावा मछलियों के लिए एक्वेरियम तैयार किया गया है।
बीते वर्ष साढ़े सात लाख पर्यटक पहुंचे
देहरादून जू हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। बीते वर्ष 2022 में चिड़ियाघर में सात लाख 65 हजार पर्यटक आए।यहां प्रतिदिन 12 से 15 सौ पर्यटक पहुंचते हैं, जबकि रविवार को पर्यटकों की संख्या चार से पांच हजार तक पहुंच जाती है। बीते वर्ष चिड़ियाघर को करीब तीन करोड़ 35 लाख रुपये की कमाई हुई। इसी पैसे से वन्यजीवों की देखभाल, खाना और अन्य खर्च किए जाते हैं।
मंगलवार को मांसाहारी वन्यजीवों का उपवास
आपको यह जानकर हैरत होगी, जू में मांसाहारी वन्यजीवों को मंगलवार के दिन उपवास रखा जाता है। जी हां, इस दिन उन्हें किसी प्रकार का भोजन नहीं दिया जाता है। रेंज अधिकारी मोहन सिंह रावत ने बताया कि ऐसा उनके संतुलित आहार के मद्देनजर किया जाता है। यही वजह है कि र रानी 22 साल की उम्र पार करने जा रही है। जबकि गुलदार प्रजाति की उम्र आमतौर पर 14 से 15 साल ही होती है। संतुलित आहार और समुचित देखभाल ही इसका राज है।