कार्बेट में बाघ और गंगोलीहाट में गुलदार का मिला था शव
जानवरों का यह संघर्ष पहली बार नहीं हुआ है। शुक्रवार को भी कार्बेट की कालागढ़ रेंज में एक बाघ का शव मिला था। उसके भी सभी अंग सुरक्षित पाए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार यह मौत आपसी संघर्ष के कारण हुई थी। पांच मई को इसी जगह एक अन्य बाघ का शव मिला था। आशंका जताई जा रही थी कि इन दोनों बाघों में संघर्ष हुआ, जिसके कारण बारी-बारी से दोनों की मौत हो गई। इसी तरह गंगोलीहाट में भी एक गुलदार का शव मिला। ग्रामीणों ने इस गुलदार को दूसरे गुलदार के साथ लड़ते हुए देखा था।
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बाघ के कोर क्षेत्र में नहीं घुस सकता गुलदार
विशेषज्ञों के अनुसार बाघ और गुलदार एक दूसरे के दुश्मन होते हैं। बाघ का एक कोर क्षेत्र होता है। इससे आगे के क्षेत्र को आउटर क्षेत्र कहा जाता है। इस आउटर क्षेत्र में तो गुलदार शिकार के लिए आ जा सकता है। लेकिन, बाघ अपने कोर क्षेत्र में गुलदार की चहलकदमी को सहन नहीं करता। ऐसा माना जा रहा है कि चिल्लावाली रेंज में भी मादा गुलदार अपने बच्चों के साथ बाघ के इसी कोर क्षेत्र में आई होगी। इससे बाघ ने उन पर हमला कर दिया।