नशे मे धुत तीन युवाओं ने कुछ ऐसा किया कि उन्हें कोर्ट ने तीन साल कैद की सजा सुना दी। साथ ही उसने मोटी वसूली भी की जाएगी। न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम) सहर्ष यादव की अदालत ने पुलिस से अभद्रता, लापरवाही से वाहन चलाने और शांति भंग के मामले में दोषी तीन लोगों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 22 अक्तूबर 2015 का है। पुलिस कर्मियों ने थाना चमोली में तहरीर दी थी कि कुलदीप सिंह निवासी टंगणी, (जोशीमठ), सुमित सिंह निवासी ग्राम स्नानगर, शाहबाद, जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) और संजीव निवासी छप्पर, जिला यमुनानगर (हरियाणा) शराब के नशे में धुत्त होकर वाहन चलाते हुए नंदप्रयाग से चमोली जा रहे थे।
नंदप्रयाग में तैनात पुलिस कांस्टेबल मंदीप ने इसकी सूचना चमोली थाने को दी। वाहन के चमोली बाजार पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें रोका। उनसे पूछताछ की गई तो तीनों लोगों ने पुलिस कर्मियों से हाथापाई और गाली गलौच की।
मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष यादव की अदालत ने तीनों को दोषी पाते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।