ऋषिकेश में मुनिकीरेती नाव घाट पर स्नान करते समय एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में राजस्थान के दो सगे भाई समेत तीन पर्यटक गंगा में डूब गए।
पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान
सूचना पर जल पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया, मगर उनका कुछ पता नहीं चल सका। घटना के बाद से परिजन सदमे में हैं। घटना सोमवार सुबह करीब साढे़ छह बजे की है।
पुलिस के मुताबिक, धनबाड़, भिंदवाल, जालोर राजस्थान निवासी महेंद्र प्रजापति (20) पुत्र जयताजी अपने भाई भावेश (17), दोस्त त्रिकमा (20) पुत्र जमताजी, भतीजे हितेश(10), दीपक (08) और दो अन्य साथियों के साथ तीर्थनगरी घूमने आए थे।
बताया जा रहा है कि सुबह मुनिकीरेती, नाव घाट पर स्नान करते समय अचानक महेंद्र का पैर फिसल गया और वह पानी में बह गया।
तेज धारा की चपेट में आकर बहे
उसे बहता देख भावेश और त्रिकमा ने भी पानी में छलांग लगा दी और वह भी पानी की तेज धारा की चपेट में आकर बहने लगे।
चीख पुकार सुनकर एक स्थानीय टैक्सी चालक बचाव के लिए पहुंचा, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। महेंद्र, भावेश और त्रिकमा पानी की गहराई में ओझल हो गए।
सूचना पर जल पुलिस ने नदी में कांटे डालकर पर्यटकों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल पाया। प्रभारी निरीक्षक मुनिकीरेती थाना गणेश सामंत ने बताया कि घटना की सूचना पर्यटकों के परिजनों को दे दी गई है।