प्रदेश की पिंडरघाटी में आपदा के तीन माह बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। 15, 16, 17 जून को मूसलाधार बरसात एवं जलप्रलय से जनपद चमोली की सबसे बड़ी तहसील थराली काफी प्रभावित हुई है।
सोलपट्टी के 16, कड़ाकोट के 10, रैंस-चोपता क्षेत्र के 10, उत्तरी कड़ाकोट और श्रीगुरु पट्टी के 24-24, तल्ला बधाण के 45 गांवों सहित अब भी 205 गांवों का सड़क से संपर्क नहीं हो पाया है।
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आपदा और बरसात से इन गांवों के संपर्क मार्ग ठप पड़े हैं। लेकिन लोनिवि व पीएमजीएसवाई ने मार्गों पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया है, जिससे ग्रामीणों को मीलों पैदल चलना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायात चिरखून के ग्राम प्रधान सुनील कांती, सोल क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह रावत, बूंगा के भानु प्रकाश, कौब के गोविंद सिंह मिंगवाल का कहना है कि प्रशासन और विभाग की लापरवाही से ग्रामीण तीन माह से 5 से 20 किमी तक की पैदल दूरी नाप रहे हैं, जिसमें कक्षा 10 से 12वीं के स्कूली बच्चे भी शामिल हैं।
सड़क नेटवर्क अब भी ठप
आपदा के बाद से क्षेत्र में नारायणबगड़ ब्लाक के तल्ला बधाण क्षेत्र का सड़क नेटवर्क अब भी ठप पड़ा है। स्थिति यह है कि क्षेत्र के पॉली, बैनोली, विनायक सहित अन्य गांवों की छात्राएं आपदा के बाद से रोज 15 किलोमीटर पैदल चलकर जीजीआईसी नारायणबगड़ पहुंच रही हैं।
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थराली-डुंग्री, थराली-घाट मार्ग के आपदा के बाद से बंद होने से सोलपट्टी क्षेत्र के ग्रामीणों को कुराड़ के रास्ते पैदल आना पड़ रहा है। आपदा से पूर्व जहां थराली आने में क्षेत्र के ग्रामीणों को मात्र डेढ़ से दो घंटे लगते थे। वहीं अब पैदल रास्ता ही बीस किमी का है, जिसे तय करने में छह से सात घंटे लग रहे हैं।
डुग्री के प्रधान नवीन मिश्रा, जो पेशे से वकील भी हैं, प्रतिदिन गांव से थराली पहुंचते हैं। लेकिन पैदल रास्ता अधिक होने से उन्हें कई दिन थराली से घर जाने में देर हो रही है, जिस कारण उन्हें लॉज/होटल में कमरा लेकर रहना पड़ रहा है।
मरम्मत में भी अनेदखी
आपदा के 80 दिन बाद भले ही पिंडरघाटी की लाइफ लाइन कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर छोटे वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। लेकिन अब भी नलगांव, कालजाबर, बुसेड़ी पुल, मल्या पौड़ में हालात खराब बने हैं। लोनिवि का थराली-देवाल मार्ग भी मुख्य बाजार से लेकर तहसील तक हादसों का सबब बना है।
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वायरक्रेट लगाकर आपदा से ध्वस्त मार्ग का पुनर्निर्माण कर छोटे वाहनों की दौड़ तो शुरू कर दी गई है। लेकिन मानकों की अनदेखी और बड़े वाहनों के संचालन पर अधिकारी मौन साधे हैं।
तहसील थराली में अब भी 205 गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। आपदा और बरसात के चलते इन गांवों की सड़कें बंद पड़ी हैं। संबंधित विभाग को त्वरित मार्गो पर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
- वी षणमुगम, आपदा आयुक्त थराली तहसील
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