लेनदेन के मामले में हरिद्वार जेल में बंद एक शातिर अपराधी की इशारे पर दो करोड़ की रकम वसूलने देहरादून पहुंचे तीन बदमाशों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन तमंचे, पांच कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। एसटीएफ की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि टीम ने दून यूनिवर्सिटी क्षेत्र से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। जिनसे हथियार भी बरामद हुए।
उनकी पहचान सहारनपुर जिले के शाहिद पुत्र महमूद निवासी बडोली थाना नागल व विशु गुप्ता पुत्र सतीश गुप्ता निवासी कंकर कूई माजरा थाना रामपुर मनिहारान और शिवम पुत्र सतपाल निवासी ग्राम गिद्दाबाली डेरिया थाना खानपुर, हरिद्वार के रूप में हुई। शाहिद ने बताया कि लगभग एक साल पहले वह देवबंद, सहारनपुर जेल से छूटा था। उसका पुराना साथी इंतजार पहलवान आजकल हरिद्वार जेल में बंद है। वह फोन के जरिये इंतजार पहलवान के संपर्क में रहता है।
पिछले माह इंतजार ने जेल से एक नंबर से फोन कर बताया कि उसके परिचित नवाब भाई के देहरादून में किसी अमित शर्मा ने दो करोड़ रुपये देने हैं, लेकिन वह आनाकानी कर रहा है। इंतजार के कहने पर शाहिद ने अपने मोबाइल में एक डायलर एप डाउनलोड किया और सऊदी से किसी परिचित से एक रिचार्ज लिया। ताकि यह पता न लगे कि किस नंबर से फोन आ रहे हैं। 20 अगस्त और उसके अलावा कई दफा अमित शर्मा को फोन कर धमकाया गया।
इंतजार के कहने पर शिवम और विशु के साथ वह देहरादून पहुंचा। तीनों दून यूनिवर्सिटी रोड पर इंतजार के फोन का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच एसटीएफ ने उन्हें पकड़ लिया। शाहिद ने बताया कि हमें करना क्या था यह तो नहीं पता, लेकिन इंतजार ने कहा था कि तीनों को तमंचे लेकर देहरादून पहुंचना है।
आरोपियों पर दर्ज हैं कई मुकदमे
जांच में पता लगा कि धमकी के संबंध में एक न्यूज चैनल के सीईओ द्वारा थाना नेहरू कालोनी नवाब आदि के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। तीनों बदमाशों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर नेहरू कालोनी थाने में रखा गया है। एसटीएफ को जांच में पता लगा कि शाहिद के खिलाफ सहारनपुर, मुजफ्फरनगर आदि जिलों में लूट, धमकी देने और अन्य जुर्म के कई मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि अन्य बदमाशों के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।