सोमवार को क्लेमेंटटाउन छावनी परिषद क्षेत्र में पेयजल योजना का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल की तारीफ की। करीब 35 मिनट के संबोधन में उन्होंने विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा।
कहा, पूर्व सैनिकों की पेंशन, चिकित्सा आदि समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अलग निदेशालय, बच्चों और आश्रितों के कौशल विकास के लिए आर्मी स्किल सेंटर जैसे कार्य भी किए हैं। आश्रित पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन राशि 18 हजार रुपये करने, दिव्यांग सैनिकों को अनावश्यक ट्रिब्यूनल से बचाने, पूर्व सैनिकों व आश्रितों की पेंशन समस्याओं के निस्तारण के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं।
हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज सेना का मनोबल ऊंचा हुआ है। उत्तराखंड के हजारों जांबाज बेटे देश की रक्षा के लिए सरहद पर डटे हुए हैं।
कई परिवारों ने अपने बेटे देश को दिए, मैंने भी अपनी बेटी देश सेवा के लिए समर्पित की है। इस अवसर पर कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, मोहन जोशी, पूनम ममगाई, बृजेश गुप्ता, सौरभ, सतीश कश्यप, प्रकाश धामी आदि मौजूद रहे।
किसी ने नहीं सोचा सैनिकों का सम्मान
रक्षामंत्री ने कहा कि आज तक किसी ने देश के लिए जान देने वाले शहीदों के सम्मान में वार मेमोरियल बनाने की पहल नहीं की। मौजूदा केंद्र सरकार ने दो साल में ही भव्य युद्ध स्मारक का निर्माण कर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।