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सैनिक परिवारों के लिए एम्स जैसी अत्याधुनिक सुविधा वाले तीन अस्पतालों का होगा निर्माण: रक्षामंत्री

Tue, 05 Mar 2019 07:52 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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निर्मला सीतारमण
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रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उत्तराखंड से मेरा पहले से ही जुड़ाव रहा है। अब बतौर रक्षामंत्री सर्वाधिक सैन्य अनुपात वाले राज्य से मेरा विशेष लगाव है। पहले उत्तराखंड मेरे लिए मायके जैसा था, अब ससुराल जैसा लगता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं, जिसका लाखों परिवारों को लाभ मिला है।

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उन्होंने कहा जल्द ही एम्स जैसी अत्याधुनिक सुविधा वाले तीन अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। इसमें पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सभी उपचार की सुविधाएं मिलेंगी। सैनिक बाहुल्य क्षेत्रों में इन्हें खोलने पर फोकस किया जाएगा। 

सेना और सरकारी अधिकारियों के बीच तुलना के मामले में उन्होंने किसी तरह के मतभेद से इनकार किया। कहा कि रक्षा मंत्रालय ने आदेश जारी कर पूर्व के सभी आदेशों को निरस्त किया है। वर्दीधारी और सिविल सेवा के अधिकारियों कीरैंक में तुलना करना अनुचित है। सिर्फ सेरीमोनियल (मेजर जनरल या इससे ऊपर रैंक) मामले में यह लागू होंगे।

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सोमवार को क्लेमेंटटाउन छावनी परिषद क्षेत्र में पेयजल योजना का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल की तारीफ की। करीब 35 मिनट के संबोधन में उन्होंने विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा।

कहा, पूर्व सैनिकों की पेंशन, चिकित्सा आदि समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अलग निदेशालय, बच्चों और आश्रितों के कौशल विकास के लिए आर्मी स्किल सेंटर जैसे कार्य भी किए हैं। आश्रित पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन राशि 18 हजार रुपये करने, दिव्यांग सैनिकों को अनावश्यक ट्रिब्यूनल से बचाने, पूर्व सैनिकों व आश्रितों की पेंशन समस्याओं के निस्तारण के लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं।
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हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज सेना का मनोबल ऊंचा हुआ है। उत्तराखंड के हजारों जांबाज बेटे देश की रक्षा के लिए सरहद पर डटे हुए हैं।

कई परिवारों ने अपने बेटे देश को दिए, मैंने भी अपनी बेटी देश सेवा के लिए समर्पित की है। इस अवसर पर कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, मोहन जोशी, पूनम ममगाई, बृजेश गुप्ता, सौरभ, सतीश कश्यप, प्रकाश धामी आदि मौजूद रहे। 

किसी ने नहीं सोचा सैनिकों का सम्मान
रक्षामंत्री ने कहा कि आज तक किसी ने देश के लिए जान देने वाले शहीदों के सम्मान में वार मेमोरियल बनाने की पहल नहीं की। मौजूदा केंद्र सरकार ने दो साल में ही भव्य युद्ध स्मारक का निर्माण कर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। 
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