उसके बाद प्रबंध निदेशक के निर्देश पर क्षेत्रीय अवर अभियंता महेंद्र कुमार, लाइनमैन उमेश कुमार और एसएचओ नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन, अब इस मामले में सचिव ऊर्जा राधिका झा के आदेश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया, अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी व एसडीओ गिरीशचंद्र आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
साथ ही तीनों अधिकारियों को मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। प्रबंध निदेशक ने इस प्रकरण में मुख्य अभियंता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रकरण की जांच निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल को सौंपी गई है। यह तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। सूत्रों के मुताबिक अभी इस प्रकरण में कई और अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी तय है।
मिल मालिक पर मुकदमा, 50 लाख जुर्माना
प्रकरण उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर मिल मालिक पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस भी मामले की छानबीन में जुट गई है।