उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में एक ही परिवार के तीन बच्चों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जबकि मां की हालत गंभीर है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला को स्वास्थ्य कर्मी ने अन्यत्र रेफर कर दिया।
स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि गंभीर अवस्था में लाई गई महिला की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसने जहर खाया था। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उधर पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। इस पर क्षेत्रवासियों में आक्रोश है।
हंसपुर खत्ता निवासी मोहन राम आर्य कृषि मंडी स्थित हरिराम ट्रेडर्स की आढ़त पर मुंशी का काम करता है और आढ़त पर ही एक कमरे में परिवार के साथ रहता है। आढ़त में रहने वाले लोगों के अनुसार सोमवार रात वह अपने परिवार के साथ कमरे में सोया हुआ था।
बच्चों की लाश के साथ बेहोश पड़ी थी मां
रात करीब 3 बजे अचानक उसके तीन बच्चों पायल आर्य (5), दीपक (3) और डेढ़ वर्षीय बेटी की हालत बिगड़ गई। वह पहले दीपक को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मी ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। इस पर मोहन दीपक का शव लेकर वापस कमरे पर आ गया।
यहां पायल, डेढ़ वर्षीय बेटी और पत्नी दीपा देवी (35) भी बेहोशी की हालत में पड़े थे। उसने प्राइवेट क्लीनिक के एक डॉक्टर को मौके पर बुलाया। डॉक्टर ने पायल और डेढ़ वर्षीय बेटी को भी मृत घोषित कर दिया।
इससे मोहन राम बिलखने लगा और गंभीरावस्था में बेहोश पड़ी पत्नी को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मी ने उसकी हालत नाजुक देख उसे अन्यत्र रेफर कर दिया।
घटनास्थल तक भी नहीं गई पुलिस
सुबह सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अरुण कुमार अस्पताल पहुंचे। तब तक मोहन अपने बच्चों और पत्नी को लेकर अपने गांव जा चुका था। तीन बच्चों की एक साथ मौत होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
आढ़ती ने बताया कि बच्चों और उसकी पत्नी की हालत खराब होने की सूचना मिली थी। जिस पर तुरंत ही उसने निजी वाहन से उसे अस्पताल भिजवाया। कहा कि घटना कैसे हुए, कुछ पता नहीं।
इधर, स्वास्थ्य कर्मी ने बच्चों की मौत जहर खाने से होने की आशंका जताई है। वहीं पुलिस की सुस्ती का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि शवों का पोस्टमार्टम कराना तो दूर पुलिस ने घटनास्थल पर जाना भी मुनासिब नहीं समझा।
थानाध्यक्ष अरुण कुमार का कहना है कि जांच की जा रही है। आढ़ती के माध्यम से मोहन को थाने बुलाया गया है।