पंचकेदारों में से एक तृतीय केदार श्रीतुंगनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। अब छह माह तक भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी। कपाट खुलने पर ढाई सौ से अधिक शिव भक्त मंदिर परिसर में मौजूद थे।
गूंजा धाम
शुक्रवार को शुभ लग्न में पूर्वाह्न सवा ग्यारह बजे विधि-विधान के साथ तृतीय केदार श्रीतुंगनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान भोले के जयकारों से पूरा धाम गुंजायमान हो गया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को फूलों का प्रसाद वितरित किया गया। इससे पूर्व प्रात: सवा आठ बजे अंतिम पड़ाव चोपता में भगवान श्रीतुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली की सभी प्रकार की पूजाएं संपन्न हुई।
सुबह निकली डोली
प्रात: 9 बजे डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया। बुग्यालों के रास्ते से होते हुए तीन किमी की खड़ी चढाई तय कर डोली प्रात: 11 बजे भगवान तुंगनाथ मंदिर परिसर में पहुंची। डोली की अगवानी मठापति व पुजारी सहित भक्तों ने की।
इस मौके पर धाम में प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, मठापति राम प्रसाद मैठाणी, जिला पंचायत सदस्य मीना पुंडीर, देवानंद गैरोला, चंद्रबल्लभ मैठाणी, सतीश मैठाणी, सुरेशानंद सेमवाल, बुद्धिबल्लभ सेमवाल, शिव सिंह रावत आदि मौजूद थे।