शहर और आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक भवनों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिन कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट है, वहां पार्किंग की जगह दुकानें बनाई गई हैं। ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे बाजार में अक्सर जाम की स्थिति रहती है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शहर में ज्यादातर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक भवनों में भी पार्किंग नहीं है। प्रतिदिन इनके आगे सैकड़ों वाहन सड़क पर खड़े होते हैं। इससे जाम लगता है। मुख्य बाजार स्थित पेट्रोल पंप के सामने स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में नीचे बेसमेंट की जगह दुकानें बनाई गई हैं। कॉम्प्लेक्स के बाहर हाईवे पर हमेशा दो और चौपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इससे जाम लगने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। कुछ ही दूरी पर स्थित एक कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट को बैंक्वेट और पार्टी हॉल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यहां आने वाले लोग भी सड़क पर वाहन खड़े करते हैं।
वहीं, अस्पताल रोड स्थित होटल के बेसमेंट में पार्किंग की बजाय रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा है। इससे यातायात बुरी तरह से प्रभावित होता है। गंभीर होती इस समस्या से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारी मुंह मोड़े हुए हैं, जिस कारण बिना पार्किंग के ही व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
बता दें कि भवनों के मानचित्र को इस शर्त पर स्वीकृति मिलती है कि वे पार्किंग के लिए जगह रखेंगे, लेकिन शहर के अधिकांश कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक भवनों में नियम की अनदेखी की गई है। अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते सड़क किनारे लगातार व्यावसायिक भवन बनते जा रहे हैं और किसी के यहां पार्किंग की सुविधा नहीं है।
Iवेडिंग प्वाइंट में भी पार्किंग की सुविधा नहींI
शहर और आसपास के क्षेत्र में स्थित अधिकांश वेडिंग प्वांइट के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। शादी समारोह होने पर इनके बाहर सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अधिकांश वेडिंग प्वांइट हाईवे और प्रमुख मार्ग पर ही स्थित हैं।
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Iनियमानुसार व्यावसायिक भवनों के लिए पार्किंग का निर्माण अनिवार्य है। बिना पार्किंग के व्यावसायिक भवन का नक्शा पास नहीं होता है। आचार संहिता हटने के बाद पार्किंग का निर्माण न करने वाले व्यावसायिक भवनों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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I- अभिषेक भारद्वाज, सहायक अभियंता, एमडीडीएI