फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादूनः चोरी होती है तो हो जाए, पुलिस को जाके कौन बताए?

Fri, 21 Jun 2019 04:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राकेश शर्मा, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन

घर पर ताला लगाकर शहर से बाहर जा रहे हैं तो कृपया पुलिस को सूचना जरूरी दीजिए...पुलिस यह अपील एक नहीं कई बार कर चुकी है। लेकिन, लोग हैं कि सुनने को राजी ही नहीं। एकाएक चोरी की वारदात बढ़ने पर पुलिस ने यह अपील फिर दोहराई थी, लेकिन आलम यह है कि आठ दिन में एक भी सूचना पुलिस को नहीं मिली। जबकि, पुलिस कॉलोनियों में गई तो कई मकानों पर ताला लगा मिला। वहीं, चोरी होने पर लोग पुलिस को दोषी ठहरा देते हैं।

विज्ञापन


इससे पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। मजबूरी में पुलिसकर्मी अब खुद दिनभर कॉलोनियों में घूम-घूमकर बंद घरों की सूची तैयार कर रहे हैं और रात को इन घरों की चौकीदारी। पुलिस सक्रियता से पिछले दिनों दो मकानों में चोरी की घटनाएं विफल हो चुकी हैं।

पुलिस इन शहर भर में बंद पड़े करीब 460 मकानों की दिन और रात निगरानी कर रही है, ताकि चोर अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके। इनमें से 146 के करीब मकान नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के है। इस तरह रायपुर, बसंत विहार, कैंट कोतवाली, राजपुर और पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के है। रोजमर्रा सूची में बंद मकानों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।   
विज्ञापन


गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती है चोरी
राजधानी में चोरी की घटनाएं हमेशा पुलिस के लिए चुनौती रही हैं। गर्मी की छुट्टियों के दौरान जून माह में चोरी की घटनाओं का ग्राफ बढ़ जाता है। दरअसल इस माह अधिकांश परिवार घूमने बाहर जाते हैं। दूसरा रिश्तेदारी में परिवारों का आवागमन रहता है। एकल परिवार की संस्कृति के चलते अधिकांश लोगाें को मकान पर ताला लगाकर जाना पड़ता है। गेट के बाहर लटका ताला खतरे की घंटी से कम नहीं है। चोर बंद मकानों को दिन में चिह्नित कर रात में मौका पाते ही हाथ साफ कर देते हैं।

छुट्टी पर शहर से बाहर जा रहे हैं तो पुलिस को बताकर जाएं, ताकि घर की निगरानी की जा सके। गली-गली में बंद मकानों को ढूंढ पाना पुलिस के लिए मुमकिन नहीं है। यह सब आम जनता के सहयोग से ही संभव है। दिन भर में जितने बंद मकान मिलते हैं, रात में वहां नजर रखी जा रही है। 
विज्ञापन

- श्वेता चौबे, पुलिस अधीक्षक नगर

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें