नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी ट्रेन में आग लगने के कारणों का खुलासा 20 दिन बाद भी नहीं हो पाया है। रेलवे बोर्ड के साथ ही मंडल मुख्यालय की टीमें घटनास्थल का दौरा कर विस्तृत जांच कर चुकी हैं। फिलहाल जांच टीम ने अभी कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
13 मार्च को कांसरो रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की सी-5 कोच में अचानक आग लग गई थी। गनीमत यह रही कि राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र होने की वजह से ट्रेन की गति बेहद कम थी और लोको पायलट व गार्ड ने मुस्तैदी दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत रोक दिया था। इसके बाद कोच से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। हादसे में ज्यादातर यात्रियों का सामान जलकर राख हो गया था। घटना के बाद रेलवे बोर्ड के साथ ही मंडल मुख्यालय के स्तर से गठित अधिकारियों की टीम ने हादसे की जांच की थी। लेकिन अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिरकार आग लगने की वजह क्या थी।